May 12, 2021

श्री गुरू तेग़ बहादुर जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा कई विकास प्रोजेक्टों का ऐलान

श्री गुरू तेग़ बहादुर जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा कई विकास प्रोजेक्टों का ऐलान
राज्य सरकार करेगी बस्सी पठानां की पुरानी जेल का संरक्षण, श्री आनन्दपुर साहिब के अजायबघर का होगा नवीनीकरण
चंडीगढ़, 1 मईः
श्री गुरू तेग़ बहादुर साहिब के 400वें प्रकाश पर्व के जश्नों के अंतर्गत पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने शनिवार को कई विकास प्रोजैक्ट लोगों को समर्पित किये, जिनमें बस्सी पठानां की पुरानी जेल का विकास और संरक्षण किया जाना शामिल है। इस जेल में नौवें पातशाह को उनके साथियों सहित नूर मुहम्मद ख़ान मिर्ज़ा ने 40 दिनों तक तब नज़रबंद रखा था, जब वह बादशाह औरंगजेब को मिलने के लिए जा रहे थे।
मुख्यमंत्री ने यह भी ऐलान किया कि श्री गुरु तेग़ बहादुर अजायबघर, आनन्दपुर साहिब का 2 करोड़ रुपए की लागत से नवीनीकरण होगा। इस अजायबघर को नया रूप देने के साथ-साथ आधुनिक प्रौद्यौगिकी के साथ पहली मंजिल का नवीनीकरण होगा, जबकि निचली मंजिल पर तस्वीरों की प्रदर्शनी के असली स्वरूप को बरकरार रखा जायेगा। यह अजायबघर साल 1977 में तख़्त केसगढ़ साहिब के नज़दीक बनाया गया था। पंजाब में श्री गुरु तेग़ बहादुर जी से सम्बन्धित यह एकमात्र अजायबघर है।
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने ऐलान किया कि विरासत-ए-ख़ालसा, श्री आनन्दपुर साहिब के नज़दीक 10 करोड़ रुपए की लागत से एक नेचर पार्क विकसित किया जायेगा। तकरीबन 62 एकड़ में बनने वाले इस पार्क में बड़े स्तर पर दुर्लभ किस्म के पौधे लगाए जाएंगे और इस पार्क के मौजूदा वर्ष के अंत तक शुरू होने की संभावना है।
मुख्यमंत्री ने यह भी ऐलान किया कि भारत सरकार श्री गुरु तेग़ बहादुर साहिब जी के 400वें प्रकाश पर्व सम्बन्धी जल्द ही एक यादगारी डाक टिकट जारी करेगी।
इस ऐतिहासिक अवसर को यादगार बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा पहले ही शुरु किए गए प्रोजेक्टों का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि गुरू साहिब जी के जीवन से सम्बन्धित दो बड़े शहरों बाबा बकाला और श्री आनन्दपुर साहिब में 20.50 करोड़ रुपए की लागत से बुनियादी ढांचे के प्रोजेक्टों का काम चल रहा है। इसके अलावा गुरू साहिब के चरण स्पर्श प्राप्त 103 स्थानों, जिनमें 79 गाँव और 24 शहर शामिल हैं, को 50 लाख रुपए प्रति गाँव और एक करोड़ रुपए प्रति शहर का अनुदान बुनियादी ढांचे के विकास के लिए दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इन जश्नों के हिस्से के तौर पर अब तक 6986 गाँवों में 60 लाख से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। इससे पहले श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व की याद में 70 लाख से अधिक पौधे लगाए गए थे। उन्होंने कहा कि इन पौधों के साथ पंजाब को बेहद लाभ होगा और राज्य की आबो हवा प्रदूषण मुक्त और हरी भरी हो जायेगी।
लोगों की माँग को स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री ने बाबा बकाला पंचायत का दर्जा बढ़ाकर नगर पंचायत करने का ऐलान किया। उन्होंने साथ ही कहा कि यह फ़ैसला जनगणना की कार्यवाही के बाद लागू होगा क्योंकि मौजूदा समय में नयी म्यूंसिपलटियां बनाने पर रोक है।
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने ज़िला तरन तारन में बनने वाली श्री गुरु तेग़ बहादुर स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ का नींव पत्थर रखने का भी ऐलान किया। यह यूनिवर्सिटी पिछले साल पास किये गए एक्ट के अंतर्गत अस्तित्व में आ चुकी है और इसके लिए ज़मीन की पहचान कर ली गई है और टेंडर प्रक्रिया चल रही है।
उन्होंने आगे बताया कि श्री आनन्दपुर साहिब में निर्माणाधीन भाई जैता जी मेमोरियल में खंडा साहिब सुशोभित कर दिया गया है। इस खंडा साहिब के लिए 32 मीट्रिक टन स्टील का प्रयोग हुआ है और इस पर 27 करोड़ रुपए की लागत आई है।