December 5, 2021

लोकतांत्रिक सरकारों के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब हितधारकों को शामिल किए बिना क्रूर कानून बनाए : परकाश सिंह बादल

लोकतांत्रिक सरकारों के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब हितधारकों को शामिल किए बिना क्रूर कानून बनाए : परकाश सिंह बादल

इतिहास का एक निर्णायक क्षण:  परकाश सिंह बादल

वीर जवानों की शहादत और लखीमपुर जैसी दुखद घटनाएं इस सरकार के चेहरे पर हमेशा एक काला धब्बा रहेंगी

 

 

‘‘ केंद्र और राज्य सरकारें  700 शहीदों के परिवारों के  साथ एकजुट खड़े होकर मदद करें‘‘ 

 

चंडीगढ़/19नवंबर: पांच बार मुख्यमंत्री रहे  परकाश सिंह बादल ने खेती पर तीनों काले कानूनों को वापिस लेने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा को ‘ इतिहास का एक निर्णायक क्षण’’ बताया और कहा कि श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के पावन अवसर पर किसानों के लिए यह ऐतिहासिक दिन है’’।

‘‘ यह पूरी दुनिया में किसान संघर्ष के इतिहास की सबसे बड़ी घटना है।  बादल ने आज सुबह एक बयान में कहा कि ‘‘ मैं श्री गुरु नानक देव जी महाराज को धन्यवाद देता हूं और खेतों में कड़ी मेहनत कर रहे हर किसान को बधाई देता हूं’’।

इन कानूनों को लागू करने से पहले किसानो से परामर्श नही किए जाने पर अफसोस जताते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ लोकतांत्रिक सरकारों के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब हितधारकों को शामिल किए बिना क्रूर कानून बनाए गए। किसी भी सरकार को कभी ऐसे असंवेदनशील और क्रूर काम फिर से नही करने चाहिए’’।

आज सुबह प्रधानमंत्री की घोषणा पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए  बादल ने कहा कि इस फैसले का किसानों पर बहुत प्रभाव पड़ेगा और दुनिया भर में गरीबों और वंचितों के लिए न्याय के लिए संघर्ष पर व्यापक और दीर्घकालिक प्रभाव पड़ेगा।बादल ने इस संघर्ष के दौरान बहुमूल्य जानों के हुए नुकसान के बारे में दुख व्यक्त करते हुए कहा ‘‘ मेरी पहली संवेदना 700 से अधिक किसान परिवारों के साथ हैं, जिन्होने इस न्यायपूर्ण और महान संघर्ष के पथ पर शहादत प्राप्त की। काश वे आज इस दिन को देखने के लिए हमारे साथ होते’’ उन्होने कहा कि इन वीर जवानों की शहादत और लखीमपुर जैसी दुखद घटनाएं इस सरकार के चेहरे पर हमेशा एक काला धब्बा रहेंगी।

बादल ने केंद्र और राज्य सरकारों से शहीदों के परिवारों को सरकारी नौकरियां और वित्तीय सहायता के रूप में उदार मदद करने की अपील की।

सरकार को किसानों की भलाई के लिए भविष्य के लिए कदम सुझाने के लिए किसान संगठनों को बुलाने की सलाह देते हुए  बादल ने कहा कि  उनका पूरा जीवन किसानों  के लिए न्याय सुनिश्चित करने में ही समर्पित रहा है।