September 20, 2021

होशियारपुर में दो वकीलों की हत्या कर बाद में कार में आग लगाने के मामले की सी.बी.आई. जांच की मांग

होशियारपुर में दो वकीलों की हत्या कर बाद में कार में आग लगाने के मामले की सी.बी.आई. जांच की मांग

हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार सहित डी.जी.पी. और होशियारपुर के एस.एस.पी. को नोटिस किया जारी, मांगी जांच की स्टेटस रिपोर्ट

 पिछले साल दिवाली की रात को होशियारपुर के नामी वकील भगवंत किशोर गुप्ता और उनकी जूनियर वकील सिया उर्फ़ गीतू खुल्लर की हत्या के मामले में हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार सहित डी.जी.पी. और होशियारपुर के एस.एस.पी. को नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है और साथ ही इस मामले में पुलिस ने अब तक जो जांच की है उसकी स्टेटस रिपोर्ट भी 8 मार्च को मामले की अगली सुनवाई पर हाईकोर्ट में पेश किए जाने के आदेश दे दिए हैं
हाई कोर्ट ने यह आदेश  मृतक वकील भगवंत किशोर गुप्ता के बेटे सुमनेन्द्र गुप्ता द्वारा इस मामले की सी.बी.आई. या अन्य किसी जांच एजेंसी से जांच की मांग और अपने और अपने परिवार की सुरक्षा की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए है। मृतक वकील के बेटे ने हाईकोर्ट को बताया कि इस पुरे मामले का मुख्य साजिशकर्ता और आरोपी उनके पिता की जूनियर सिया का पति आशीष सिंह है। उसी ने ही अपने साथियों के साथ मिलकर दीवाली की रात वकील भगवंत किशोर गुप्ता और उनकी जूनियर जोकि की आरोपी की पत्नी थी। उन दोनों की अपने ही घर में ही हत्या की थी और बाद में इस हत्या को सड़क दुर्घटना का रंग देने के लिए उनके शवों को शहर से बाहर जाकर कार में बिठाकर आग लगा दी थी।

याची ने आरोप लगाया है की पहले पुलिस भी इसे सड़क दुर्घटना ही बताती रही। बाद में जाकर पुलिस ने सिया के पति आशीष खुशवाहा और उसके 2 अन्य दोस्तों सुनील व राहुल निवासी बुलंदशहर के खिलाफ हत्या के आरोप में मामला दर्ज किया था। इसके बाद पुलिस ने बुलंदशहर से एक आरोपी कपिल कुमार को गिरफ्तार कर लिया था। जिसने कबूल कर लिया था कि उसने आशीष और अन्य के साथ मिलकर यह हत्या की है। इसके बावजूद अभी तक पुलिस न तो इस हत्या के मुख्य आरोपी आशीष को गिरफ्तार नहीं कर रही है बल्कि इस हत्या में इस्तेमाल किए गए अन्य वाहनों को ही जब्त किया गया है। याची का आरोप है कि पुलिस जानबूझकर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर रही है और अब तक दोनों शवों की पोस्ट-मार्टम रिपोर्ट भी नहीं पेश की गई है। ऐसे में अब याची ने इस पुरे मामले में पुलिस द्वारा की गयी जांच पर कई सवाल उठाते हुए इस मामले की सी.बी.आई. या अन्य किसी निष्पक्ष जांच एजेंसी से जांच की मांग और अपने परिवार की सुरक्षा की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका पर हाईकोर्ट ने सभी प्रतिवादी पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है, साथ ही इस मामले की अब तक की गई जांच की स्टेटस रिपोर्ट भी तलब कर ली है।