
आप नेताओं ने की नई माइनिंग पॉलिसी की जमकर सराहना – कहा, “पंजाब सरकार का ये कदम जनता के हित में ऐतिहासिक साबित होगा!
अब मिलेगी सस्ती रेत, अवैध माइनिंग पर लगेगा ताला – डिजिटल और पारदर्शी सिस्टम से बढ़ेगी सरकार की आमदनी, ज़मींदार खुद कर सकेंगे माइनिंग – डॉ सनी आहलूवालिया
कहा – पहले डिमांड और सप्लाई का अंतर बहुत ज्यादा था क्योंकि सिर्फ दो तरह की साइटें ही चलती थी, अब तीन साइट और बढ़ने से यह अंतर खत्म होगा
आप सरकार की माइनिंग पॉलिसी आम आदमी की माइनिंग पॉलिसी है, पिछली सरकारों में माफिया पॉलिसी बनाते थे – नील गर्ग
चंडीगढ़, 4 अप्रैल
पंजाब की मान सरकार द्वारा 2022 के माइनिंग पॉलिसी में संशोधन कर नई माइनिंग पॉलिसी बनाने के फैसले की आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं ने सराहना की है। पार्टी नेताओं ने कहा कि इससे माइनिंग माफिया खत्म होगा और लोगों को सस्ती कीमत पर रेत मिल सकेगी।
इस मामले को लेकर आप नेता डॉ सनी आहलूवालिया, नील गर्ग, सफल हरप्रीत सिंह और साकी अली खान ने पार्टी कार्यालय में एक प्रेस कांफ्रेंस किया।
मीडिया को संबोधित करते हुए डॉ सनी आहलूवालिया ने कहा कि नई माइनिंग पॉलिसी आम आदमी को और ज्यादा सस्ती कीमत पर रेत उपलब्ध कराने के लिए बनाई गई है। पहले डिमांड और सप्लाई में डिफरेंस बहुत ज्यादा था क्योंकि पंजाब के जिस प्रकार इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के कार्य हो रहे हैं इसके कारण आम लोग बताते थे कि माइनिंग पॉलिसी में बदलाव होना चाहिए।
फिर पंजाब सरकार ने सभी स्टेकहोल्डर जिसमें बिल्डर, लैंड क्रेशर माइनिंग से जुड़े लोगों के साथ मीटिंग की उनके फीडबैक के आधार पर यह नई पॉलिसी बनाई गई। आहलुवालिया ने कहा कि इसमें सबसे महत्वपूर्ण है कि पॉलिसी के अंदर शुरू से लेकर अंत तक की प्रक्रिया में पूरी तरह डिजिटाइजेशन कर दी गई है, जिससे भ्रष्टाचार होने की संभावना बिल्कुल खत्म हो गई है क्योंकि अब इलेक्ट्रिक मीटर रेत की मात्रा घंटे के हिसाब से बता देगा।
उन्होंने कहा कि पहले दो साइट्स होती थी, एक कमर्शियल साइट और दूसरा पब्लिक साइट। लेकिन डिमांड इतनी ज्यादा थी कि लोगों को घर कानूनी ढंग से माइनिंग करने की आदत पड़ गई थी क्योंकि कोई मॉनिटरिंग की व्यवस्था नहीं थी। अब नई पॉलिसी में तीन और नए तरह के साइट्स बढ़ा दिए गए हैं। जिसमें पहला है लैंड क्रशर माइनिंग साइट, जिसके तहत अब क्रशर वालों को भी माइनिंग की इजाजत मिल गई है।
दूसरा है ‘लैंड ओनर मीनिंग साइट’, इसके तहत अगर किसी के पास माइनिंग के लिए अपनी जमीन है तो वह खुद वहां माइनिंग कर सकता है या करवा सकता है। और तीसरा है सरकारी जमीनें जिसके कस्टोडियन जिलों के डिप्टी कमिश्नर होते हैं, उसमें माइनिंग के लिए डीसी द्वारा एनओसी जारी किया जाएगा फिर वहां पर कानूनी प्रक्रिया के अनुसार संबंधित व्यक्ति या कंपनी माइनिंग कर सकता है। उन्होंने कहा कि पहले इस तरह के सरकारी जमीनों में लोक रात के अंधेरे में चोरी-छिपे माइनिंग कर जाते थे। अब ऐसा कुछ नहीं होगा।
आहलुवालिया ने कहा कि इतने साइट्स के बढ़ने के बाद अब डिमांड और सप्लाई का अंतर बहुत कम हो जाएगा या बराबर हो जाएगा जिससे लोगों को सस्ती कीमत पर पर्याप्त रेत मिल सकेगी और सरकार के खजाने में भी पैसा बढ़ कर आएगा क्योंकि जितनी साइट्स बढ़ेगी उतना रेवेन्यू बढ़ेगा।
विपक्षी पार्टियों की आलोचना करते हुए आहलूवालिया ने कहा कि अकाली सरकार के समय माइनिंग माफिया का बोलबाला था, वहीं
कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार में उनके खुद के 35 से 40 विधायक और मंत्री माइनिंग का कारोबार चलाते थे। कैप्टन ने इसकी एक रिपोर्ट भी अपने हाईकमान को भेजी थी लेकिन आज तक उन लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब कैप्टन अमरिंदर सिंह खुद भारतीय जनता पार्टी में चले गए हैं जो पूरे देश में सैंड माफिया के लिए जानी जाती है।
उन्होंने कहा कि पिछली सरकार में माइनिंग साइट का रेट 70 पैसे स्क्वायर फीट के हिसाब से रखा गया था जिसमें बजरी भी निकाल सकते थे। आप सरकार ने इसको बढ़ाकर ने 1 रुपए 75 पैसे प्रति स्क्वायर फीट कर दिया और 3 रुपए 15 पैसे बजरी का कर दिया है। इससे राज्य का राजस्व भी बढ़ेगा, कीमतें भी कम होगी और डिमांड व सप्लाई का अंतर खत्म होगा।
आप प्रवक्ता नील गर्ग ने कहा कि मान सरकार में लोगों को वर्ल्ड क्लास एजुकेशन और मुफ्त इलाज दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आप सरकार आने से पहले पंजाब में माफिया राज था। शायद ही कोई ऐसा क्षेत्र बचता था जिसमें माफिया न हो। राज्य में हर जगह ट्रांसपोर्ट माफिया, नशा माफिया, लैंड माफिया और सैंड माफिया का बोलबाला था। मान सरकार आने के बाद सभी माफिया अंकुश लगा।
उन्होंने कहा कि आप सरकार ने अब जो नई माइनिंग पॉलिसी लेकर आई है वह माफिया की पॉलिसी नहीं, बल्कि आम आदमी की माइनिंग पॉलिसी है। इससे डिमांड और सप्लाई का डिफरेंस कम होगा। लोगों को सस्ती रेत मिलेगी। गैर-कानूनी माइनिंग पर रुकावट लगेगी, सरकार के खजाने में रेवेन्यू आएगा और मोनोपॉली खत्म होगी।