Haryana

फोन टैप करना कांग्रेस का चरित्र, हम लोकतांत्रिक तरीके से काम करते हैं- मुख्यमंत्री

कांग्रेस का अपने ही सदस्यों की जासूसी करने का इतिहास रहा है- मनोहर लाल
जब कांग्रेस केंद्र में थी, तब उन्होंने अपने ही नेताओं पर जासूसी करवाई- मुख्यमंत्री
कांग्रेस विकास के मुद्दों पर चर्चा करने की बजाय भारत के लोकतांत्रिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचाने वाली संस्थाओं का समर्थन कर रही है, यह दुर्भाग्यपूर्ण – मनोहर लाल

चंडीगढ़, 21 जुलाई- लोकसभा के मानसून सत्र के पहले दिन संसद में कांग्रेस द्वारा उठाए गए पेगासस फोन टैपिंग मुद्दे पर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस का हमेशा यह लक्ष्य रहा है कि जब भी देश में विकास की बात होती है तब कांग्रेस इस तरह के आरोप लगा कर देश के लोकतंत्र पर प्रश्न चिह्न खड़ा करती है।
उन्होंने कहा कि कहा कि कांग्रेस लोकसभा में विकास के मुद्दों पर चर्चा करने की बजाय अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों व वामपंथी संगठनों द्वारा भारत के लोकतांत्रिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचाने का समर्थन कर रही है, यह दुर्भाग्यपूर्ण है। कांग्रेस द्वारा भारत की संप्रभुता व प्रतिष्ठा को चोट पहुंचाने के इस कृत्य की मैं कड़ी निंदा करता हूं।
मुख्यमंत्री ने आज यहां प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी पार्टी का जासूसी या फोन टैपिंग से कोई लेना-देना नहीं है। इतिहास पर नजर डाली जाए तो अगर किसी को जासूसी की साजिश रचने और सरकारों को गिराने की आदत है, तो वह निश्चित रूप से कांग्रेस ही है।
एमनेस्टी इंटरनेशनल का समर्थन करने के लिए कांग्रेस की निंदा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एमनेस्टी इंटरनेशनल वह एजेंसी है जिसने पहली बार पेगासस नामक इजरायली स्पाइवेयर की मदद से भारत में मंत्रियों और पत्रकारों के व्यक्तिगत डाटा की जासूसी के बारे में रिपोर्ट प्रकाशित की थी। उन्होंने कहा कि पिछले सात वर्षों में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने जनहित में अनेक कार्य किए हैं, इसलिए कांग्रेस के पास कोई  मुद्दा ही नहीं बचा है ।  इस बार भी कांग्रेस ने भारत के लोकतंत्र को बदनाम करने की साजिश रची है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस तरह के खेल खेलने बंद करे। देश उनके षडयंत्रों और उनके कृत्यों को देख रहा है। कांग्रेस को भारत की प्रतिष्ठा को चोट पहुंचाकर कुछ हासिल नहीं होने वाला है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस कभी भी देश को लोकतांत्रिक तरीके से चलाने में विश्वास नहीं करती। आज वे सिर्फ अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों और वामपंथी पोर्टल में प्रकाशित रिपोर्टों के बलबूते ‘फोन टेपिंग’ के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। लेकिन मैं उन्हें याद दिलाना चाहता हूं कि एक समय था जब कांग्रेस केंद्र में थी, तब उन्होंने खुद अपने नेताओं पर नजर रखने के लिए जासूसी का इस्तेमाल किया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास पर नजर डालें तो मीडिया रिपोर्टों के साथ-साथ कई ऐसे सबूत हैं जो इस बात को उजागर करते हैं कि कैसे कांग्रेस ने न केवल अपने नेताओं बल्कि पूर्व रेल मंत्री ममता बनर्जी सहित कई अन्य नेताओं की जासूसी कर उन नेताओं को भी परेशान किया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार में वित्त मंत्री रहे प्रणब मुखर्जी ने तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने तत्कालीन गृह मंत्री पी. चिदंबरम के खिलाफ उनका फोन टैप करने की बात कही थी और जांच करने के लिए कहा था, यह सच्चाई भी किसी से छिपी हुई नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इतना ही नहीं तत्कालीन चंद्रशेखर सरकार को गिराने में भी कांग्रेस की मुख्य भूमिका से भी सभी वाकिफ हैं। उस समय भी कांग्रेस ने हरियाणा सीआईडी के दो पुलिसकर्मियों पर स्वर्गीय राजीव गांधी की उनके आवास 10 जनपथ के पास जासूसी करने के झूठे आरोप लगाये थे, हालांकि कांग्रेस कभी भी अपने इन आरोपों को साबित नहीं कर पाई।
मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा की बात करें तो कांग्रेस ने हमेशा सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई) की सर्वे रिपोर्ट का हवाला देकर हरियाणा में बेरोजगारी बढोतरी की बात कहकर राज्य सरकार पर सवाल उठाया है, जबकि सीएमआईई संस्था की अपनी कोई साख नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिक संसाधन सूचना विभाग द्वारा चलाई जा रही महत्वकांक्षी योजना परिवार पहचान पत्र के तहत प्रदेश के लगभग प्रत्येक परिवार का पंजीकरण हो चुका है जिसमें लोगों ने स्वयं बेरोजगारी को घोषित किया है जो केवल 6 प्रतिशत है। जब प्रदेश के लोग स्वयं बेरोजगारी दर को घोषित कर रहे हैं तो विपक्ष के नेता किस आधार पर बोल रहे हैं कि हरियाणा में बेरोजगारी दर बढ़ रही है यह दर्शाता है कि वह केवल झूठ की राजनीति कर रहे हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार श्री विनोद मेहता, एडीजीपी/सीआईडी श्री आलोक मित्तल और सलाहकार, पब्लिक सेफ्टी, ग्रीवेंस और गुड गवर्नेंस श्री अनिल राव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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