महिलाओं समेत सैकड़ों मनरेगा मजदूरों ने प्रदर्शन में लिया हिस्सा, मजदूर विरोधी भाजपा सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
इन मजदूरों ने हमारे देश को बनाया, मोदी सरकार उनकी रोजी-रोटी छीन रही है: देव मान
जब तक केंद्र मनरेगा में किए मजदूर विरोधी बदलाव वापस नहीं लेता, तब तक प्रदेशव्यापी आंदोलन जारी रहेगा: गुरप्रीत सिंह जीपी
चंडीगढ़/नाभा, 8 जनवरी
आम आदमी पार्टी (आप) ने नाभा के पटियाला गेट पर भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना को योजनाबद्ध तरीके से खत्म करने के विरोध में विशाल प्रदर्शन किया। सैकड़ों मनरेगा मजदूरों ने सड़कों पर उतरकर केंद्र के खिलाफ नारेबाजी की और रोजगार गारंटी योजना में गरीब विरोधी नीतिगत बदलावों के विरोध में अपना गुस्सा जाहिर करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका।

मीडिया से बातचीत करते हुए आप विधायक गुरदेव सिंह देव मान ने कहा कि केंद्र अगर चाहे तो मनरेगा का नाम बदल सकता है, लेकिन इसकी नीति और मंशा में पूर्ण बदलाव अस्वीकार्य है। देव मान ने कहा कि मोदी सरकार ने मनरेगा की आत्मा ही बदल दी है। इसकी नई नीतियों का मकसद गरीबों को कुचलना, उनकी रोजी-रोटी का गला घोंटना और उन्हें और गरीबी में धकेलना है।
उन्होंने केंद्र पर उन लोगों के साथ धोखा करने का आरोप लगाया जिन्होंने अपनी कड़ी मेहनत से देश को बनाया है। उन्होंने कहा कि सड़कों और खेतों से लेकर ऊंची इमारतों तक, सुइयों से लेकर जहाजों तक, यह देश मजदूरों ने बनाया है। फिर भी आज उन्हीं मजदूरों पर हमले हो रहे हैं। जिन्होंने 1947 से गरीबों की वोटें लेकर सरकारें बनाईं, वे अब उन्हें सजाएं दे रहे हैं।
विधायक ने केंद्र के मनरेगा फंडिंग का 40 फीसदी बोझ राज्यों पर डालने के फैसले का भी कड़ा विरोध करते हुए इसे “पूरी तरह से गैर-वाजिब और संघवाद विरोधी” करार दिया। उन्होंने कहा कि राज्य यह अतिरिक्त बोझ कैसे झेलेंगे? यह संघीय ढांचे पर सीधा हमला है और कल्याणकारी योजनाओं को कमजोर करने की कोशिश है।
देव मान ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने और मनरेगा के हक में एकजुट होकर आवाज उठाने के लिए धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में पंजाब विधानसभा ने स्पष्ट रूप से केंद्र से मांग की है कि मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में बहाल किया जाए और ये गरीब विरोधी बदलाव वापस लिए जाएं। उन्होंने कहा कि आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया, अमन अरोड़ा और पूरी पार्टी मनरेगा मजदूरों के साथ चट्टान की तरह खड़ी है।
इस मौके पर आप नेता अमरीक सिंह बांगड़ भी मौजूद थे, जिन्होंने मजदूरों के साथ एकजुटता का इजहार किया और केंद्र की नीतियों की निंदा की।
इस मौके पर बोलते हुए आप एससी विंग के अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह जीपी ने कहा कि पार्टी मनरेगा के बचाव में प्रदेशव्यापी प्रदर्शनों की अगुवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि आप पूरे पंजाब में प्रदर्शन कर रही है। कल हमने जालंधर में प्रदर्शन किया था, आज नाभा में और यह आंदोलन पूरे प्रदेश में तेज होगा।
गुरप्रीत सिंह जीपी ने भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार पर किसानों, मजदूरों और पिछड़े वर्गों के अधिकारों पर लगातार हमले करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पहले किसानों पर तीन काले कृषि कानून थोपे गए थे। फिर संविधान को कमजोर करने की कोशिशें हुईं। अब मनरेगा के नए कानूनों के जरिए कामकाजी महिलाओं और गरीब परिवारों पर सबसे ज्यादा मार पड़ रही है। हम इस बेइंसाफी को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक केंद्र बदलाव वापस नहीं लेता तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि हमारा संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक मोदी ये मजदूर विरोधी नीतियां वापस नहीं लेते। पंजाब ने हमेशा बेइंसाफी का विरोध किया है, और हम अपने राज्य और अपने लोगों के साथ लगातार हो रहे भेदभाव को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
आप नेताओं ने दोहराया कि गरीब कमजोर या डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने ऐलान किया कि वे इस देश के असली मालिक हैं। उनके अधिकार छीनने की किसी भी कोशिश का कड़ा विरोध किया जाएगा। उन्होंने मनरेगा मजदूरों की लड़ाई पंजाब के हर कोने में ले जाने का संकल्प लिया।
