ऊना, 28 नवम्बर. नगर निगम ऊना के आयुक्त एडीसी महेंद्र पाल गुर्जर ने बताया कि शहर में नगर निगम की सभी पार्किंग में 20 मिनट तक वाहन पार्क करने का शुल्क केवल 10 रुपये निर्धारित किया गया है। ओल्ड बस स्टैंड पार्किंग पर भी यही दर लागू होगी।
यह पहल खासतौर पर उन लोगों की सुविधा के लिए की गई है, जो थोड़े समय के लिए आते हैं और त्वरित, सुलभ पार्किंग चाहते हैं। आयुक्त ने कहा कि यह कदम शहर में पार्किंग अनुशासन को मजबूत करने की दिशा में अहम साबित होगा।
गौरतलब है कि जिला प्रशासन ने हाल ही में ऊना शहर में अव्यवस्थित पार्किंग और सड़क पर भीड़भाड़ को लेकर अन्य अहम आदेश भी जारी किए थे, जिससे यातायात और सार्वजनिक स्थानों की व्यवस्था और बेहतर बने। नगर निगम का यह नया शुल्क निर्धारण प्रशासन के प्रयासों को और प्रभावी बनाने में सहायक होगा।
ऊना शहर में यातायात सुधार का बड़ा फैसला
डीसी जतिन लाल ने दो मुख्य मार्गों पर नो-पार्किंग और नो-वेंडिंग व्यवस्था लागू की, रोटरी चैक से एनएच-503 तक वन-वे सिस्टम शुरू
डीसी जतिन लाल बोले..जिले में व्यवस्था की मजबूती को जारी रहेगी कड़ी करवाई, जनता से सहयोग की अपील
. ऊना शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाने और भीड़भाड़ पर नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला दंडाधिकारी जतिन लाल ने शुक्रवार को दो महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए डीसी चैक से डिग्री कॉलेज तक की सड़क को तत्काल प्रभाव से नो-पार्किंग और नो-वेंडिंग जोन घोषित कर दिया है। इसके साथ ही शहर के सबसे व्यस्त हिस्से रोटरी चैक से वाया पुराना बाजार राष्ट्रीय राजमार्ग-503 तक के मार्ग पर चार पहिया वाहनों के लिए वन-वे व्यवस्था लागू कर दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ये कदम यातायात में अनुशासन, पैदल यात्रियों की सुरक्षा और शहर की समग्र व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से उठाए गए हैं।
जारी आदेशों में कहा गया है कि डीसी चैक से डिग्री कॉलेज मार्ग पर अनाधिकृत पार्किंग, दुकानदारी के फैलाव और सड़क व फुटपाथ पर सामान रखने से लगातार जाम की स्थिति बनती थी। इससे न केवल लोगों की आवाजाही प्रभावित होती थी, बल्कि आपातकालीन सेवाओं तक यातायात बाधित होने का जोखिम भी बढ़ जाता था। नई व्यवस्था के तहत इस मार्ग पर दो पहियों के अलावा किसी भी वाहन की पार्किंग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी और सड़क के दोनों ओर वाहनों के खड़ा होने पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पूरे क्षेत्र को नो-वेंडिंग जोन घोषित किया गया है, जिसके तहत किसी भी प्रकार की रेहड़ी, ठेला, स्ट्रीट वेंडिंग या फुटपाथ पर अवरोधक गतिविधि की अनुमति नहीं होगी।
दूसरे आदेश के अनुसार शहर में रोटरी चैक से ओल्ड मार्केट दृ पोस्ट ऑफिस दृ अरविंद मार्ग दृ एनएच-503 एक्सटेंशन तक का मार्ग चार पहिया वाहनों के लिए वन-वे घोषित किया गया है। अरविंद मार्ग की ओर से चार पहिया वाहनों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित होगा। इसके अलावा रोटरी चैक से एमसी पार्किंग और आयुर्वेदिक अस्पताल तक का पूरा क्षेत्र भी नो-पार्किंग और नो-वेंडिंग जोन रहेगा। इस मार्ग पर सड़क, फुटपाथ और सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी प्रकार की दुकानदारी या वाहन खड़ा करना निषिद्ध रहेगा और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने इन आदेशों को 29 नवंबर 2025 से लागू करने का निर्णय लिया है। डीसी जतिन लाल ने स्पष्ट किया कि शहर की सड़कें सीमित हैं और अनियंत्रित पार्किंग तथा अवैध वेंडिंग से ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा जाती है। उन्होंने कहा कि पुलिस, नगरपालिका और उपमंडल प्रशासन को आदेशों के सख्त पालन सुनिश्चित करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
गौरतलब है कि ऊना शहर में बढ़ते ट्रैफिक जाम और आम जनता की असुविधा को ध्यान में रखते हुए डीसी जतिन लाल ने 23 नवंबर को भी अहम आदेश जारी किए थे। आदेशों के तहत डीसी चैक से लेकर मैहतपुर बैरियर तक भारी वाहनों की आवाजाही को कड़ाई से विनियमित किया गया है। पूरे मार्ग पर टिप्परों की आवाजाही पूर्णतः प्रतिबंधित है, जबकि व्यवसायिक भारी वाहनों के प्रवेश पर सुबह 8 बजे से रात 9 बजे तक रोक लागू रहेगी।
ऊना को शांत, सुव्यवस्थित, समृद्ध जिला बनाने के प्रयासों में बनें सहयोगी
डीसी जतिन लाल ने बताया कि पुलिस से मिले इनपुट के अनुसार बाहरी राज्यों से आने वाले कुछ लोग कई बार बिना पंजीकरण रेहड़ी-फड़ी लगाते हैं, अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाते हैं और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए चुनौती बनते हैं। ऐसे लोगों पर निगरानी बढ़ाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पहले भी व्यवस्था सुधार के प्रयास किए गए, परंतु जन-सहयोग की कमी से ढिलाई आ गई। इस बार प्रशासन पूरी सख्ती के साथ कार्रवाई करेगा ताकि ऊना शहर को बेहतर, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाया जा सके।
उन्होंने जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि प्रशासन हर वैध मांग पर संवेदनशील है, लेकिन व्यवस्था बनाए रखना सभी की साझा जिम्मेदारी है। उन्होने ऊना को शांत, सुव्यवस्थित और समृद्ध जिला बनाने में सक्रिय सहयोग का आह्वान किया।

