एक जून से ऊना में नियमित तौर पर ऊना में आएंगी ट्रेनें ; रेलवे ने बुकिंग की शुरू

Himachal Pradesh
By Admin


1 जून से ऊना आने-जाने वाली नियमित ट्रेनों की तैयारियों के संबंध में बैठक

ऊना (28 मई)- 1 जून से नियमित तौर पर प्रारंभ हो रही रेल सेवा के संबंध में आज एक बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त ऊना संदीप कुमार ने की। बैठक में डीसी ने कहा कि एक जून से ऊना में नियमित तौर पर ट्रेनें आएंगी जिसके लिए रेलवे ने बुकिंग आरंभ कर दी है। उन्होंने कहा कि ऊना पहुंचने वाले यात्रियों को उनके गंतव्यों तक पहुंचाने का उचित प्रबंध किया जाएगा। वहीं ऊना से ट्रेन के माध्यम से जाने वाले यात्रियों को दो घंटे पहले स्टेशन पर पहुंचना होगा। उन्हें सीधा प्लेटफॉर्म पर जाने की अनुमति नहीं होगी। डीसी ने कहा कि सभी यात्रियों की अनिवार्य रूप से मेडिकल जांच की जाएगी और केवल पूर्ण रूप से स्वस्थ्य यात्रियों को ही ट्रेन में प्रवेश करने और यात्रा करने की अनुमति होगी। इसीलिए सभी यात्री कम से कम दो घंटे पहले रेलवे स्टेशन पर पहुंचें। सभी यात्रियों को प्रवेश के दौरान और यात्रा के दौरान फेस कवर या मास्क पहनना अनिवार्य होगा। अपने गंतव्य स्टेशन पर पहुंचने के बाद यात्रियों को स्वास्थ्य प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। बीमार लोगों को यात्रा की अनुमति नहीं होगी। बैठक में एडीसी अरिंदम चौधरी, एएसपी विनोद धीमान, सीएमओ डॉ. रमण कुमार शर्मा, डॉ. निखिल शर्मा, आरएम एचआरटीसी जनगरनाथ, पीओ डीआरडीए संजीव ठाकुर सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

2 जून के स्थान पर 13 नवंबर को स्थानीय अवकाश घोषित

ऊना (28 मई)- जिला स्तरीय पीपलू मेला के उपलक्ष्य पर जिला प्रशासन ऊना द्वारा 2 जून को स्थानीय अवकाश घोषित किया गया था। कोविड-19 महामारी के चलते लगाए गए लॉकडाउन के कारण सरकार ने मेलों, त्योहारों व उत्सवों आदि के आयोजनों पर प्रतिबंध लगाया है। इसी के दृष्टिगत पूर्व में निर्धारित किए गए 2 जून के स्थानीय अवकाश को निरस्त को कर दिया गया है। यह जानकारी देते हुए उपायुक्त ऊना संदीप कुमार ने बताया कि इस बारे आदेश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि जिला ऊना में स्थानीय अवकाश 2 जून के बजाय अब छोटी दीपावली के अवसर पर 13 नवंबर को रहेगा।

डीसी ने किया संस्थागत क्वारंटीन केंद्रों को दौरा, दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

ऊना (28 मई)- जिला दंडाधिकारी ऊना संदीप कुमार ने आज ऊना व आस-पास बनाए गए विभिन्न संस्थागत क्वारंटीन सेंटर का दौरा किया और तैनात स्टाफ को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डीसी ने कहा कि संस्थागत क्वारंटीन में रेड जोन से आने वाले व्यक्तियों को ही रखा जाएगा।

5 से 6 दिन के बाद उनके कोविड-19 टेस्ट किए जाएंगे और रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद उन्हें बाकी की क्वारंटीन अवधि के लिए घरों को भेज दिया जाएगा। सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार बाहर से आने वाले लोगों के लिए 14 दिन की क्वारंटीन अवधि को पूरा करना आवश्यक है।डीसी ने क्वांरटीन सेंटर के स्टाफ से बातचीत की और कहा कि गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशु की माताओं, वरिष्ठ नागरिकों तथा अन्य किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त मरीजों का विशेष ध्यान रखा जाए और आवश्यकतानुसार उन्हें संस्थागत क्वारंटीन से निकालकर होम क्वारंटीन में शिफ्ट किया जाए।

उन्होंने कहा कि इस संबंध में अंतिम फैसला चिकित्सा विभाग के डॉक्टर करेंगे। इस दौरान उनके साथ तहसीलदार विजय राय व डॉ. जगदीप सिद्धू भी उपस्थित रहे।

क्वारंटीन सेंटर में राजस्व विभाग के अधिकारी कोरोना योद्धा के रूप में मोर्चे पर तैनातअंतर-राज्यीय बैरियर मैनेजमेंट तथा विशेष ट्रेनों के लिए व्यवस्था में भी राजस्व अधिकारियों की भूमिका अहम कोरोना संकट के चलते लॉकडाउन के प्रथम चरण से दे रहे महत्वपूर्ण सेवाएं

ऊना (27 मई)- कोरोना संकट के बीच राजस्व विभाग के पटवारी एवं अन्य अधिकारी प्रंट लाइन वर्कर्स के रूप में कार्य कर रहे हैं। जिला ऊना में बनाए गए सभी क्वारंटीन सेंटर के इंचार्ज के रुप में पटवारी प्रशासनिक भूमिका में हैं और यहां रह सेंटर में रखे गए व्यक्तियों की प्रत्येक आवश्यक वस्तु का प्रबंध कर रहे हैं। पालकवाह क्वांरटीन सेंटर में ड्यूटी पर तैनात एक होमगार्ड जवान के कोरोना संक्रमित होने का पता चलने के बाद पटवारी विनोद कुमार 14 दिन के लिए होम क्वारंटीन में हैं। दूरभाष पर विनोद ने बताया ” पालकवाह केंद्र पर मेरी तैनाती 31 मार्च को हुई थी और तब से वहीं पर कार्य कर रहा था। हाल ही में कोरोना संक्रमित कर्मचारी का पता चलते ही, जिला प्रशासन ऊना ने सारे स्टाफ को होम क्वारंटीन कर दिया है और मैं भी घर पर ही हूं। परिवार में माता-पिता, डेढ़ साल का एक बेटा व पत्नी है और 14 दिन के लिए मैं अपने परिवार से अलग-थलग हो गया हूं। कुछ दिन बाद स्वास्थ्य विभाग कोरोना टेस्ट करेगा और उम्मीद है सब ठीक होगा।”हरोली उपमंडल के ही खड्ड में बनाए गए कोविड केयर सेंटर के इंचार्ज व पटवारी अरविंद कुमार ने कहा कि फिलहाल खड्ड में 13 कोरोना संक्रमित मरीजों का उपचार चल रहा है। उन्होंने बताया कि खड्ड केंद्र को बफर क्वारंटीन सेंटर बनाया गया था, जहां पर बाहर से हिमाचल की सीमा में प्रवेश करने वालों को रखा गया था और उनकी तैनाती यहां पर 30 मार्च से है। अरविंद ने बताया कि 27 अप्रैल को यहां रखे गए सभी लोग अपने-अपने गंतव्यों को रवाना कर दिए गए और सेंटर खाली हो गया। इसके बाद खड्ड को 12 मई को कोविड केयर सेंटर बना दिया गया और अब यहां रखे गए सभी कोरोना मरीजों की हर जरूरत का ध्यान रख रहे हैं। कोरोना महामारी से परिवार को बचाने के लिए वह सावधानी बरतते हैं। घर के बाहर ही हाथ धोते हैं, अपने कपड़े व जूते भी बाहर खोलने के बाद नहाते हैं और फिर घर के अंदर दाखिल होते हैं। उन्होंने कहा कि “कर्तव्य का निर्वहन करने के साथ-साथ परिवार का ध्यान रखना भी मेरी जिम्मेदारी है।” परिवार की परवाह किए बगैर मोर्चों पर तैनातसंस्थागत क्वारंटीन सेंटर में रखे जा रहे लोगों को तौलिया, टूथब्रश, टूथपेस्ट से लेकर बाल्टी आदि की व्यवस्था करना इंचार्ज का दायित्व है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश की सीमा पर स्थापित किए गए बैरियर पर भी राजस्व अधिकारियों की तैनाती की गई थी। इस तरह का कार्य सभी राजस्व अधिकारियों के लिए एक नया अनुभव है लेकिन हर हाल में वह मोर्चे पर तैनात हैं। जिला पटवार एवं कानूनगो संयुक्त संघ के अध्यक्ष रविंद्र शर्मा ने कहा कि कोरोना वैश्विक महामारी के दौर में राजस्व अधिकारी अपने कर्तव्य का निर्वहन निष्ठापूर्वक कर रहे हैं। परिवार की परवाह किए बगैर पहले दिन से ही सभी पटवारी व कानूनगो मोर्चों पर तैनात हैं। बहुत सी महिला राजस्व अधिकारी भी दिन रात सेवा भाव से कार्य कर रही हैं। 
राजस्व अधिकारी भी कोरोना योद्धाकोरोना संकट में राजस्व अधिकारियों की उपायुक्त ऊना संदीप कुमार ने सराहना करते हुए कहा ”जिला के सभी पटवारी व अन्य राजस्व अधिकारी कोरोना योद्धा के रूप में कार्य कर रहे हैं। क्वारंटीन सेंटर से लेकर कोविड केयर सेंटर की मैनेजमेंट राजस्व अधिकारियों के जिम्मे हैं। मैं स्वयं अपने राजस्व अधिकारियों के साथ बात करता हूं और उन्हें पेश आ रही समस्याओं पर भी चर्चा करता हूं। विशेष ट्रेनों से आ रहे लोगों के लिए व्यवस्थाएं बनाने में राजस्व अधिकारी अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।”

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