रोटेरियन हरजीत सिंह ने अतुलनीय समाज सेवा के लिए गणतंत्र दिवस पर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से अवॉर्ड प्राप्त किया

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By Admin

सम्मान प्राप्त होने पर उन्होंने कहा कि ये अवॉर्ड उन्हें आंगनबाड़ी जैसे और अन्य प्रोजेक्ट्स शुरू करने के लिए प्रेरित करेगा

उन्होंने युवाओं से सुविधाओं से वंचित और जरूरतमंदों की मदद और विकास के लिए संगठन में शामिल होने की अपील की

एसएएस नगर (मोहाली), 27 जनवरी: सालों से अपनी अनुकरणीय सामाजिक सेवा के लिए जाने जाते, रोटेरियन हरजीत सिंह को अपने इस योगदान के लिए रविवार को पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा 71 वें गणतंत्र दिवस के विशेष अवसर पर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

इस क्षेत्र के प्रतिष्ठित सामाजिक कार्यकर्ता, 49 वर्षीय रोटेरियर हरजीत सिंह इस श्रेणी में भव्य अवसर पर प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चुने गए चार विशेष योगदानकर्ताओं के पैनल का हिस्सा थे। इन सभी को उनके विशेष योगदान के लिए चुना गया था।

प्रभावशाली सोशल सर्विस प्रोजेक्ट्स की बड़ी होती सूची के साथ, हरजीत सिंह को बेहद प्रभावशाली ‘आंगनवाड़ी प्रोजेक्ट’ की सफलता के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया, जिसके तहत मोहाली के 11 आंगनवाड़ी केंद्रों के बच्चों को 2 लाख रुपए से अधिक का सामान प्रदान किया गया।

प्रतिष्ठित अवॉर्ड प्रदान करते हुए, मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने विशेष रूप से महिलाओं के कल्याण, उनके स्वास्थ्य और कौशल विकास के क्षेत्रों में बड़ी सफलता के साथ संगठन के मोहाली चैप्टर की कमान संभालने में हरजीत सिंह की भावना, उत्साह और नेतृत्व कौशल की जमकर सराहना की।

वेटरन रोटेरियन और प्रोफेशन से एक चार्टर्ड अकाउंटेंट हरजीत सिंह वर्तमान में रोटरी क्लब मोहाली का नेतृत्व कर रहे है, जो कि लंबे समय से पूरे समुदाय की कल्याण में योगदान देने वाली गतिविधियों पर गहन ध्यान केंद्रित किया गया है।

मुख्यमंत्री के प्रति अपना आभार व्यक्त करते हुए, हरजीत सिंह ने ये अवॉर्ड अपनी पूरी टीम को समर्पित करते हुए कहा कि यह अवॉर्ड उन्हें आंगनवाड़ी जैसी परियोजनाओं में सामुदायिक सेवा के महान कार्य में अधिक से अधिक समान विचारधारा वाले लोगों को शामिल करने के लिए प्रोत्साहित करेगी। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे सम्मानित संगठन में शामिल होकर समाज सेवा का कार्य करें, जिसमें व्यापक अनुभव और सामुदायिक सेवा के माध्यम से संतुष्टि की गहरी भावना है।

सिंह ने रोटरी के साथ अपने इस सफर की शुरुआत कुरुक्षेत्र से की थी। अपने शुरुआती दिनों के बारे में याद करते हुए उन्होंने कहा कि मैं पहले कुरुक्षेत्र में रोटरी क्लब का सदस्य था, और 2012 में मोहाली में रोटरी क्लब का सदस्य बन कर समाज सेवा की शुरुआत की। वर्ष 2016-17 के दौरान उन्होंने क्लब सचिव के रूप में कार्य किया।

रोटरी क्लब, मोहाली के प्रेसिडेंट के रूप में चुना गया, इस वर्ष की शुरुआत में, सिंह के पास अपनी नाम पर कई सराहनीय प्रोजेक्ट हैं, जिसमें एक शेल्टर होम में रहने वाले लगभग 120 स्टूडेंट्स की जरूरतों को पूरा करने के लिए एक कमर्शियल रेफ्रिजरेटर दान करना शामिल है, जो आर्थिक रूप से पिछड़े स्कूल स्टूडेंट्स की ट्यूशन फीस प्रदान करता है। स्कूलों में कलर-कोडेड डस्टबिन के पेयर्स स्थापित करना, पौधारोपण अभियान चलाना, कई स्कूलों में पंखे और ट्यूब लाइट लगाना आदि कई अन्य उपयोगी प्रोजेक्ट्स को भी आगे बढ़ाने का श्रेय उन्हें जाता है।

विशेष रूप से, इस महीने की शुरुआत में हरजीत सिंह ने मोहाली की प्रमुख परियोजना ’ममता’ से शुरुआत की थी, जिसका उद्देश्य दलित महिलाओं और उनके शिशुओं के स्वास्थ्य में सुधार करना था। देश में 5 जनवरी को रोटरी के 100 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में शुरू की गई इस पहल ने सामाजिक क्षेत्र में उपलब्धियों की लंबी सूची में एक और मील का पत्थर और प्रशंसा अर्जित की है।

परियोजना के तहत, ग्रामीण क्षेत्रों की कुल सौ महिलाओं को उनकी मातृत्व के पहले छह महीनों के लिए स्वस्थ भोजन का एक पैकेज प्रदान किया गया था। इस बारे में जानकारी देते हुए, सिंह ने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए कि ये योजना उन लोगों तक पहुंचती है, जो गरीबी रेखा के नीचे की महिलाओं पर ध्यान केन्द्रित कर रही है, जिन्होंने हाल ही में किसी भी सरकारी अस्पताल में एक बालिका को जन्म दिया है।

अन्य प्रमुख पहलों में, रोटरी क्लब मोहाली ने लगभग 13 सरकारी स्कूलों को सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन सौंपी हैं। हरजीत सिंह ने कहा कि ‘‘ये सुनिश्चित करने के लिए कि प्रोजेक्ट ईको-फ्रैंडली हो, इसमें इक इंसीनेर्टर और स्मोक-प्यूरीफायर भी है। लड़कियों को इस सुविधा के लिए एक पैसा नहीं देना पड़ता, क्योंकि हम उन्हें अगले तीन वर्षों के लिए 200 मुफ्त पैड भी प्रदान कर रहे हैं।’’ सिंह ने कहा कि 12 और स्कूल हैं जिन्हें हम इन मशीनों को दान करने की योजना बना रहे हैं।

भविष्य में, क्लब 25 स्कूल छोड़ने वाले बच्चों को भी अपनाने की योजना बना रहा है, जो सभी खर्चों के साथ महिंद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल डेवलपमेंट द्वारा जीडीए प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।

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