विधानसभा उपाध्यक्ष ने दियोली सोसाइडी की विजिलेंस जांच के दिए आदेश

Himachal Pradesh UNA
By Admin

 

ऊना (3 नवंबर)- जनमंच कार्यक्रम में दियोली सोसाइटी में कथित घोटाले के आरोपों का मुद्दा भी उठा। दियोली सोसाइटी के प्रधान सुरिंद्र सिंह ने यह मामला उठाया जिस पर विधानसभा उपाध्यक्ष हंसराज ने पूरे मामले की विजिलेंस जांच के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि इस मामले में दूध का दूध व पानी का पानी होना चाहिए और लोगों को भरोसा कायम रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि सोसाइटी में स्कैंडल की बू आ रही है, ऐसे में जांच अनिवार्य है। आम जनता के खून पसीने की कमाई का एक-एक पैसा वापस दिलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब हर साल आडिट होता है तो फिर गड़बड़ कैसे हुई। इस पर विभाग के अधिकारी ने कहा कि मामले में एफआईआर दर्ज हो चुकी है।

जनमंच में कुछ लोगों ने राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार का मामला भी उठाया। इस पर विधानसभा उपाध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के नेतृत्व में चल रही सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉरलेंस नीति अपना रही है। किसी भी भ्रष्टाचारी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि जिस तरह पुलिस स्टेशन में विजिलेंस विभाग के अधिकारियों के नंबर अंकित किए होते हैं, उसी तर्ज पर हर पटवार घर, कानूनो कार्यालय व तहसीलदार कार्यालय में विजिलेंस के नंबर अंकित किए जाएं। रिश्वत मांगने पर पीड़ित इन नंबरों पर विजिलेंस विभाग में शिकायत कर सकता है।

दौलतपुर चौक में आयोजित किए गए जनमंच में रास्तों की समस्या पर कुछ शिकायतें प्राप्त हुई, जिस पर हंसराज ने डीसी को ऐसे सभी मामलों का पता लगाकर समस्या हल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खड्डों के किनारे बसे गांवों या आबादी का पता लगाया जाए और उनके लिए रास्ता निकालने का प्रबंध किया जाए।

इसके अलावा चलेट निवासी अशोक कुमार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि न मिलने की शिकायत की। इस पर उपायुक्त ने उन्हें आश्वासन दिया कि जल्द ही उनके खाते में राशि आ जाएगी। चलेट निवासी बलदेव सिंह ने दलित बस्ती के लिए पुश्तैनी रास्ते बंद करने की शिकायत की। इस मामले पर विधानसभा उपाध्यक्ष ने तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

 

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