केन्द्र सरकार को कारगिल जंग से तुरंत पहले खुफिया सूचना दे दी गई थी: ए.एस. दुल्लट

Chandigarh
By Admin
चंडीगढ़, 8 दिसंबर:
आज मिलिट्री लिटरेचल फेस्टिवल में खुफिया ऐजंसी रॉ के पूर्व प्रमुख ए.एस. दुल्लट ने खुलासा करते हुए कहा कि कारगिल जंग से ठीक पहले कारगिल की चोटियों में घुसपैठ की खुफिया रिपोर्टें केंद्र सरकार को सौंप दी गई थीं।
‘विज़डम ऑफ स्पाईज़’ के विषय पर चर्चा में भाग लेते हुए दुल्लट ने कहा कि युद्ध शुरू होने से पहले सेना द्वारा एकत्रित किए गए सभी संकेतों और खुफिया रिपोर्टें केंद्र के साथ साझा कर दी गई थीं।
दुल्लट, जो कारगिल युद्ध के समय खुफिया ब्यूरो के साथ थे, ने कहा कि महत्वपूर्ण सूचना केंद्रीय गृह मंत्री के साथ साझा की गई थी, जिनके पास उप-प्रधानमंत्री का पद भी था।
इससे पहले, लैफ्टिनैंट जनरल कमल दावर ने सभी तीनों रक्षा विंगों को एक संगठित कमांड अधीन रखने की महत्ता दिखाई, जिससे फ़ैसले लेने की प्रक्रिया आसान ढंग से यकीनी बनाई गई। देश के ‘इंटेलिजेंस सीजऱ’ के तौर पर एन.एस.ए. के मौजूदा रुझान को ध्यान में रखते हुए दावर ने कहा कि सारी जानकारी उपलब्ध होना एक बात है परन्तु सभी उपलब्ध साधनों पर काम करना अलग बात है। उन्होंने दक्षिण एशियन भाषाओं जैसे मैंडेरिन, सिंहालीस और पशतो में काबलीयत हासिल करने के लिए और ज्यादा कार्य करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।
लैफ्टिनैंट जनरल संजीव के. लौंगर ने एक संगठित कमांड के मुद्दे पर असहमति प्रकट करते हुए कहा कि भारत जैसे देश में हमें एक अलग मुखियों की ज़रूरत है, जो मिलकर महत्वपूर्ण फ़ैसले ले सकें।
प्रौद्यौगिकी को अपनाने की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में हुए लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए बुद्धि और प्रौद्यौगिकी को समकालीन बनाने की ज़रूरत है। जनरल दावर ने कहा कि हमारी ख़ुफिय़ा सामथ्र्य इन दो पहलूओं के विलय पर निर्भर करेगी।
इस अवसर पर सी. वर्मा आई.पी.एस ने राजनैतिक वर्ग और लोगों के साथ इस बात पर नाराजग़ी प्रकट की कि सभी असफलताओं के लिए ख़ुफिय़ा एजेंसियों के योद्धाओं को ही जि़म्मेदार बना दिया जाता है। उन्होंने आगे कहा कि जानकारी एकत्रित करना सफलता का एक महत्वपूर्ण पक्ष है और अपनी बुद्धि के साथ सही फ़ैसला लेना एक विशेष कला है जो कि बहुतों के पास नहीं है।
कैप्शन:लैफ्टिनैंट जनरल कमल दावर (बांईं तरफ़), उनके साथ पूर्व रॉ प्रमुख ए.एस, दुल्लट आई.पी.एस, के.सी. वर्मा आई.पी.एस और लैफ्टिनैंट जनरल संजीव के. लैंगर, मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल 2018 में दूसरे दिन विचार चर्चा में हिस्सा लेते हुए।

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