कर्मचारियों को 1 अगस्त, 2019 से दिया जाएगा मकान किराया भत्ता; राज्य सरकार को पडेगा 1900 करोड रूपए का अतिरिक्त बोझ

Haryana
By Admin

चण्डीगढ़, 20 जुलाई – हरियाणा के मुख्यमंत्री  मनोहर लाल ने अपनी कर्मचारी हितैषी सोच का परिचय देते हुए राज्य के कर्मचारियों के लिए अनेक घोषणाएं की, जिनमें  7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप अगामी 1 अगस्त, 2019 से मकान किराया भत्ता दिया जाएगा। इसके अलावा,  मृतक कर्मचारी के आश्रित के लिए एक्सगे्रशिया स्कीम को भी आगामी 1 अगस्त, 2019 पुन: लागू किया जाएगा।

        मुख्यमंत्री ने ये घोषणाएं आज यहां राज्य के विभिन्न कर्मचारी संगठनों के साथ हुई वार्ता के  उपरांत पत्रकारों से बातचीत के दौरान की। उन्होंने कहा कि विभिन्न कर्मचारी संघों के साथ सामूहिक रूप से लगभग 6 घण्टे बैठक कर विस्तृत चर्चा की गई और विभिन्न निर्णय लिए गए हैं औरा हरियाणा में ऐसा पहली बार ऐसा हुआ है जब किसी मुख्यमंत्री ने यह सामूहिक बैठक की है।

उन्होंने बताया कि 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप अगामी 1 अगस्त, 2019 से मकान किराया भत्ता दिया जाएगा, जिससे राज्य सरकार को लगभग 1900 करोड रूपए का अतिरिक्त बोझ पडेगा और इससे राज्य सरकार के लगभग साढे तीन लाख कर्मी लाभांवित होंगें।

        उन्होंने कहा कि सरकार व कर्मचारी प्रदेश के विकास की गति को बढ़ाने व जनता की सेवा करने के लिए कटिबद्ध हैं और राजनीति से ऊपर उठकर कर्मचारी संगठनों को भी सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करना चाहिए और इसी को देखते हुए उन्होंने स्वयं हरियाणा एक-हरियाणवी एक का नारा दिया था और यह बैठक भी इसी के मद्देनजर सामुहिक रूप से बुलाई गई है।

        मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने किसी भी कर्मचारी को नौकरी से नहीं निकाला है बल्कि उसके लिए नियमित रोजगार के अवसरों को प्रदान करने के विकल्प दिए गए हैं जैसे कि राज्य कर्मचारी चयन आयोग में यदि ऐसे कर्मचारी अपना आवेदन करते हैं तो उन्हें 5 अंक अतिरिक्त दिए जाते हैं।

        उन्होंने कहा कि 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें देश में सबसे पहले लागू करने के बाद कच्चे कर्मचारियों के लिए समान काम समान वेतन का लाभ देने वाला भी हरियाणा देश का पहला राज्य बन गया है। मुख्यमंत्री ने कर्मचारी हित में लिए गये एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले के बारे में पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि आउट सोर्सिंग पार्ट-1 के तहत लगी महिला कर्मचारी को नियमित कर्मचारी की तर्ज पर छ: महीने की प्रसूति अवकाश का लाभ दिया जाएगा और उस अवकाश के दौरान की अवधि का वेतन सरकार स्वयं वहन करेगी।

इसी प्रकार, कैशलेश चिकित्सा सुविधा का लाभ जो पहले सात बीमारियों तक दिया जाता था, अब वह सभी इनडोर बीमारियों के लिए लागू होगा। उन्होंने कहा कि ड्यूटी के दौरान जोखिम प्रवृति वाले कार्य करने वाले लाइनमैन, अग्निशमन वाहनों के चालक व फायरमैन, सीवरमैन, बॉयलर अटेंडेंट तथा सफाई कर्मचारी के लिए 10 लाख रुपये का जोखिम बीमा लागू किया जाएगा और इसका प्रीमियम सरकार अपनी ओर से वहन करेगी।

        एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले के बारे जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि डीसी रेट, दैनिक वेतन भोगी, एडहॉक पर लगे कच्चे कर्मचारियों को नियमित रूप से समय पर वेतन मिलता रहे, इसके लिए सभी उपायुक्तों के पास एक करोड़ रुपये का अतिरिक्त फण्ड उपलब्ध करवाया गया है। इसी प्रकार, प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों के कर्मचारियों को केन्द्रीय सहकारी बैंक में पदोन्नति का लाभ दिया जाएगा। प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों के कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिलाया जाएगा ताकि इन्हें घाटे से उबारा जा सके।

        उन्होंने बताया कि सरकारी विभागों के साथ-साथ बोर्र्डोंं व निगमों के कर्मचारियों को भी 7वें वेतन आयोग का लाभ देने वाला भी हरियाणा देश का पहला राज्य है। अब तक 45 बोर्डों व निगमों के कर्मचारियों को लाभ दिया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों को पंजाब के समान वेतनमान लागू करने की अपनी रटट को छोड़ना होगा, क्योंकि तीन या चार श्रेणियों को छोड़कर हरियाणा के कर्मचारियों को पंजाब से अधिक वेतनमान दिया जा रहा है और इस बात की चर्चा चारों कर्मचारी संगठनों के साथ हुई है और वे इससे काफी हद सहमत भी हुए।

एक्सगे्रशिया के तहत मृतक कर्मचारी की आयु सीमा 48 वर्ष से बढ़ाकर 52 वर्ष की गई है तथा उसकी सेवा अवधि कम से कम 5 वर्ष होनी चाहिए। मृतक कर्मचारी के आश्रित के पास विकल्प रहेगा कि वह कर्मचारी की मृत्यु के बाद की शेष सेवा अवधि का वेतन लेना चाहता है या सरकारी सेवा में आना चाहता है।  यदि वह सेवा में आना चाहता है तो उसकी योग्यता के अनुसार नौकरी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यह योजना आज से ही लागू हो जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के टयूबवैल ऑपरेटर के वेतनमान विसंगतियों को दूर करने के लिए वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री टीवीएसएन प्रसाद की अध्यक्षता में कमेटी गठित करने का भी आज निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों को साप्ताहिक अवकाश देने वाला भी हरियाणा देश का पहला राज्य है।  उन्होंने बताया कि इससे पहले भी कर्मचारियों के लिए बाल शिक्षा भत्ता 750 रुपये मासिक से बढ़ाकर 1125 रुपये मासिक, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए धुलाई भत्ता 240 रुपये से बढ़ाकर 440 रुपये, साईकिल भत्ता 100 रुपये से बढ़ाकर 200 रुपये तथा सफाई कर्मचारियों का विशेष भत्ता 325 रुपये से बढ़ाकर 625 रुपये किया गया है। इसी प्रकार, ग्रामीण चौकीदारों का मानदेय 3500 रुपये से बढ़ाकर 7000 रुपये, ग्रामीण सफाई कर्मचारियों का मानदेय 8100 रुपये से बढ़ाकर 11,000 रुपये तथा शहरी सफाई कर्मचारियों का 10500 रुपये से बढ़ाकर 13500 रुपये किया गया है।

इस अवसर पर मुख्य सचिव श्रीमती केशनी आनन्द अरोड़ा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, अतिरिक्त मुख्य प्रधान सचिव श्री वी ऊमांशकर, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री टीवीएसएन प्रसाद, परिवहन व बिजली विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री टीसी गुप्ता, सहकारिता विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती ज्योति अरोड़ा, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी व चिकित्सा शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजीव अरोड़ा, शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव श्री महाबीर सिंह, श्रमायुक्त श्री नितिन यादव, सूचना, जन सम्पर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक श्री समीर पाल सरो के अलावा अन्य विभागों के प्रशासनिक सचिव व हरियाणा कर्मचारी महासंघ, सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा, हरियाणा राज्य कर्मचारी संघ तथा भारतीय मजदूर संघ के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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