प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और वैलनैस्स केन्द्रों में ई.सी.जी. की सुविधा मुहैया करवाई जायेगी- ब्रह्म मोहिंद्रा

Punjab
By Admin
पिछले समय में 5000 की आबादी तक ई.सी.जी. की सुविधा उपलब्ध नहीं करवाई गई
लोग अब दिल संबंधी समस्याओं के लिए पी.एच.सी. स्तर पर चैकअप करवा सकते हैं
आई.एम.आर. और एम.एम.आर. में सुधार के लिए सिविल सर्जनों को संस्थागत प्रसूतियों में वृद्धि के लिए गतिविधियां तेज़ करने के लिए कहा
सारे स्वास्थ्य और वैलनैस्स केन्द्रों में विशेष तौर पर प्रशिक्षण प्राप्त 166 स्टाफ नर्सों को कम्युनिटी हैल्थ अफ़सर के तौर पर तैनात किया जाऐगा
गर्भवती महिलाओं को एमरजैंसी सेवाएं मुहैया करवाने के लिए डी.एम.सी. अस्पताल के साथ महीने में किया जायेगा समझौता
चंडीगढ़, 27 नवंबर:
पंजाब के नागरिकों को मानक स्वास्थ्य सेवाएंं मुहैया करवाने की दिशा की तरफ एक अहम कदम उठाते हुए अब से सूबे भर के सभी मूलभूत स्वास्थ्य केन्द्रों और वैलनैस्स केन्द्रों में ई.सी.जी. की सुविधा उपलब्ध करवाई जायेगी। इसका प्रगटावा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री, पंजाब  ब्रह्म मोहिंद्रा ने सिविल सर्जनों की मासिक समीक्षा मीटिंग की शुरुआत करते हुए किया।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पंजाब के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि हम मूलभूत स्वास्थ्य केन्द्रों और वैलनैस्स केन्द्रों में ई.सी.जी. की सहूलतें मुहैया करवाने के योग्य होंगे। उन्होंने कहा कि सूबे में पिछले समय के दौरान कभी भी ई.सी.जी. की सुविधा इन केन्द्रों में मुहैया नहीं करवाई गई है जबकि स्वास्थ्य वैलनैस्स केन्द्रों में 5000 की आबादी को और प्रारम्भिक स्वास्थ्य केन्द्रों में 30,000 की आबादी को स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाई जाती हैं। उन्होंने कहा कि अब ग्रामीण इलाकों के लोग भी दिल की समस्याओं संबंधी स्वास्थ्य केन्द्रों में अपनी जांच करवा सकते हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी बताया कि वैलनैस्स केन्द्रों में मानक सेवाएं प्रदान करने की प्रक्रिया में मज़बूती लाने के लिए हरेक केंद्र में जल्द ही 166 स्टाफ नर्सों को कम्युनटी हैल्थ अफ़सर के तौर पर तैनात किया जायेगा। उन्होंने कहा कि इन सभी स्टाफ नर्सों को 12 आम बीमारियों संबंधी प्राथमिक सेवा प्रदान करने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।
स्वास्थ्य मंत्री द्वारा सिविल सर्जनों द्वारा पी.एन.डी.टी. एक्ट के अंतर्गत की गई जांच गतिविधियों के आंकड़ों की समीक्षा भी की गई। उन्होंने सिविल सर्जनों को निर्देश देते हुए जांच गतिविधियों में तेज़ी लाने के लिए कहा जिससे यहाँ ग़ैर- कानूनी लिंग निर्धारण टैस्टों की चैकिंग की प्रक्रिया में और सुधार लाया जा सके। उन्होंने सिविल सर्जनों को प्राईवेट अल्ट्रासाउंड और स्कैनिंग केन्द्रों की गतिविधियों पर पैनी नजऱ रखने के निर्देश दिए।
 ब्रह्म मोहिंद्रा ने स्वास्थ्य विभाग की जिला निगरान टीमों के यत्नों की भी श्लाघा की जो ग़ैर-कानूनी नशा छुड़ाओ केन्द्रों का पर्दाफाश करने के लिए अथक यत्न कर रही हैं। उन्होंने कहा, ‘पंजाब के लोग ग़ैर- कानूनी नशा छुड़ाओ केन्द्रों संबंधी जागरूक हो रहे हैं, इस तथ्य का प्रमाण इस बात से मिलता है कि ग़ैर-कानूनी नशा छुड़ाओ केन्द्रों का पर्दाफाश हो रहा है, मैं स्वास्थ्य विभाग की निगरान टीमों की सराहना करता हूं जो इस संबंधी सराहनीय भूमिका निभा रही हैं और 15 दिनों में अंदर-अंदर ग़ैर -कानूनी नशा छुड़ाओ केन्द्रों का पर्दाफाश किया गया है।’
मातृत्व स्वास्थ्य प्रोगराम की समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने ऐलान किया कि दयानन्द मैडीकल कालेज और अस्पताल (डी.एम.सी.एंड एच) के साथ एक महीने के अंदर करार सहीबद्ध किया जायेगा जिसके बाद दयानन्द मैडीकल कॉलेज और अस्पताल गर्भवती महिलाओं को एमरजैंसी सेवाएं मुहैया करवाएं। उन्होंने बताया कि एक अन्य समझौता क्रिश्चियन मैडीकल कॉलेज और अस्पताल के साथ पहले ही सहीबद्ध किया जा चुका है जिससे गर्भवती महिलाओं को एमरजैंसी सेवाओं का लाभ मिल सके।
स्वास्थ्य मंत्री ने इस बात की सराहना की कि सूबे के और जिलों के मुकाबले पटियाला और मानसा में संंस्थागत प्रसूतियों की दर ज़्यादा है। उन्होंने सिविल सर्जनों को कहा कि वह लोगों को संंस्थागत प्रसूतियों के लिए अस्पतालों में आने के लिए प्रेरित करते हुए होम डिलिवरियों को घटाने के लिए यकीनी बनाएं। उन्होंने इस संबंधी लोगों को जागरूक करने और संस्थागत प्रसूतियों के लिए ए.एन.एम. और आशा वर्करों की सेवाएं ली जाएं।
उन्होंने कहा कि संस्थागत प्रसूतियों में वृद्धि करके हम शिशु मृत्यु दर और मातृत्व मृत्यु दर में काफ़ी सुधार ला सकते हैं।
काहन सिंह पन्नू कमिश्नर फूड एंड ड्रग एडमिनस्ट्रेशन जो इस मीटिंग में शामिल थे, ने स्वच्छ भारत यात्रा, देश व्यापक स्वास्थ्य जागरूकता मुहिम जैसी भारत सरकार की पहलकदमियों संबंधी सिविल सर्जनों को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस विलक्षण मुहिम के अंतर्गत 25 स्थानीय साईकिल सवारों की टीम, स्वास्थ्य विभाग की फूड टेस्टिंग वैन और भारत सरकार के 8-10 स्वास्थ्य अफसरों की टीम समेत लोगों को तंदुरुस्त जीवनशैली और पौष्टिक भोजन खाने संबंधी आदतों संबंधी जागरूक करने के लिए सूबे के समूह जिलों में जायेगी।
श्री ब्रह्म मोहिंद्रा ने तंदुरुस्त जीवन की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए कहा कि लोगों को पौष्टिक खाने, स्वास्थ्यमंद रहने संबंधी जागरूक करने के लिए पहले ही सूबे द्वारा विभिन्न फ्लैगशिप प्रोग्रामों की शुरुआत की गई है। उन्होंने श्री काहन सिंह पन्नू को कहा कि वह प्रस्ताव पेश करें कि किस तरह पंजाब सरकार के बहुमंतवी ‘मिशन तंदुरुस्त पंजाब’ में स्वच्छ भारत यात्रा को शामिल किया जा सकता है, जिससे बेहतर नतीजे सामने आ सकें।
इस मीटिंग में उपस्थित अन्यों के अलावा  अमरदीप सिंह चीमा, चेयरमैन, पंजाब स्वास्थ्य सिस्टम निगम,  सतीश चंद्रा, अतिरिक्त मुख्य सचिव,  काहन सिंह पन्नू, कमिश्नर, फूड एंड ड्रग एडमिनस्ट्रेशन, डा. जसपाल कौर, डायरैक्टर, स्वास्थ्य सेवाएंं, डा. नरेश कांसरा, डायरैक्टर परिवार कल्याण और सभी 22 जिलों के सिविल सर्जन उपस्थित थे।

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