कांग्रेस सात मंत्रियों तथा सरकारी दबाव से लोगों को लंबी रैली में शामिल होने के लिए मजबूर कर रही हैः अकाली दल

Punjab
By Admin

चंडीगढ़/04अक्तूबरः शिरोमणी अकाली दल ने आज कहा कि कांग्रेस पार्टी अकाली दल की फरीदकोट की एतिहासिक रैली के बाद इतनी डर गई है कि इसने लंबी वाली रैली को सफल बनाने के लिए सरकारी काम काज ठप करके सात मंत्रियों को लंबी में बिठा दिया है ताकि लोगों को 7 अक्तूबर वाली लक्ष्य रहित तथा बनावटी रैली में आने के लिए मजबूर किया जाए।

यहां एक प्रेस बयान जारी करते हुए पूर्व मंत्री तथा  अकाली दल के सीनियर नेता   बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि सरकार द्वारा हर तरह के प्रलोभन, जबरदस्ती व धमकियों जैसे हथकंडों  के बावजूद भी लोग तब तक कांग्रेस की रैली में आने के लिए तैयार नही होंगे, जब तक कि सरकार उनसे किए वायदे पूरे नही करती। उन्होने कहा कि अब स्थिति यह बन गई है कि कांग्रेसी मंत्रियों को उनके उन पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा भी झिड़का जा रहा है, जोकि अपनी सरकार की कार्यप्रणाली से बुरी तरह निराश हो चुके हैं तथा लोगों को इस सरकारी कार्यक्रम में जबरदस्ती लाने से मना कर रहें हैं। इसलिए ये मंत्री लंबी में डेरे लगाने के लिए मजबूर हो गए है व रैली में लोगों को एकत्र करने के लिए धक्केशाही वाले हथकंडों का इस्तेमाल कर रहें हैं। उन्होने कहा कि मंत्रियों के लंबी में बैठने के कारण चंडीगढ़ का राज्य सचिवालय खाली हो गया है तथा मंडियो मंे धान की खरीद तथा अनाज उठाने पर बुरा असर पड़ा है।

 मजीठिया ने कहा कि यह बहुत शर्मनाक है कि लोगों द्वारा मांगे जाने के बावजूद सरकार आज भी 90हजार करोड़ रूपए की कर्जा माफी, 2500 रूपए प्रति महीना बेरोजगारी भत्ता, 2500 रूपए प्रति महीना बुढ़ापा पैंशन तथा 51हजार रूपए शगुन देने तथा अन्य कई वायदे पूरे करने के लिए तैयार नही है। उन्होने कहा कि पांच बार मुख्यमंत्री रह चुके परकाश सिंह बादल द्वारा इस संबध में लिखी  खुली चिट्ठी कि यदि मुख्यमंत्री लोगों से किए वायदे पूरे करते हैं तो वह खुद लंबी में कैप्टन अमरिंदर सिंह का स्वागत करेंगें तथा सभी कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को लंगर छकाएंगे, के बावजूद यह वायदे पूरे नही किए गए। उन्होने कहा कि यदि कैप्टन अमरिंदर लंबी के लोगों की भलाई के लिए सचमुच चिंतित है तो उन्हे इस पेशकश का जवाब देना चाहिए था। जबकि 2017 के चुनावों के दौरान जब कैप्टन लंबी हल्के से चुनाव लड़े थे तो उसने हल्के के लोगों को अपना कहा था। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री की चुप्पी बताती है कि वह लंबी के लोगों के खिलाफ अपनी हार से द्वेष पाले बैठें है तथा जोर जबरदस्ती से लोगों को 7अक्तूबर की रैली में शामिल होने के लिए मजबूर करके उन्हे जलील करना चाहते हैं।

अकाली नेता ने कहा कि लोगों को रैली में लेकर आने के लिए जोर जबरदस्ती वाले हथकंडे इस्तेमाल करने की जगह, मुख्यमंत्री को उन निकम्मे मंत्रियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए, जिनकी पहचान   नवजोत कौर सिद्धू ने की है। उनमें उनका पति नवजौत सिद्धू भी शामिल है। उन्होने कहा कि इससे कम से कम अपनी कार्यशैली को सुधारने के लिए कैबिनेट तथा सरकार एकजूट होंगी, जिनको श्रीमती सिद्धू ने 10 में से 4 अंक दिए हैं।

 उन्होने कहा कि अकाली दल की रैली वाली जगह शहर से दस किलोमीटर दूर तबदील किए जाने के बावजूद लोग पटियाला रैली को बेहद कामयाब करेंगें।

Leave a Reply