राजीव गांधी की प्रतिमा की तोड़-फोड़ के लिए सुखबीर माफी माँगे -कैप्टन अमरिन्दर सिंह

Punjab
By Admin

कानून अपने हाथ में लेने के विरुद्ध अकालियों को लताड़ा

लुधियाना पुलिस को दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही करने के आदेश

चंडीगढ़, 25 दिसम्बर:

          पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने आज लुधियाना में शिरोमणि अकाली दल के वर्करोंं द्वारा राजीव गांधी की प्रतिमा को नुक्सान पहुँचाने की कड़ी आलोचना करते हुए सुखबीर सिंह बादल को घटिया राजनीति खेलनी बंद करने के लिए कहा। मुख्यमंत्री ने अकाली दल के प्रधान को चेतावनी दी कि ऐसी कार्यवाहियां लोक सभा चुनाव में उनकी पार्टी को उल्टी पड़ेंगी।

          मुख्यमंत्री ने सुखबीर बादल को उसकी पार्टी के वर्करों की इस घिनौनी कार्यवाही के लिए तुरंत माफी मांगने के लिए कहा क्योंकि अकाली वर्कर आगामी चुनाव में वोटें हासिल करने के लिए ऐसे कदम उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सुखबीर बादल को कहा कि ऐसी बेहुदा और निंदनीय कार्यवाहियों से आपको और आपके परिवार को पवित्र श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी और सिख भाईचारे के विरुद्ध किये गये गुनाहों और पापों से माफी नहीं मिलने वाली।

          कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने जि़ला पुलिस को हिंसा के लिए जि़म्मेदार दोषियों की तुरंत शिनाख़्त करके उनके विरुद्ध कानून के मुताबिक कड़ी कार्यवाही करने के आदेश दिए।

          अकालियों पर बरसते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि अकाली-भाजपा के 10 वर्षों के शासनकाल के दौरान किये गये गुनाहों के  कारण उनकी पार्टी की साख पूरी तरह छिन चुकी है और अब लोगों का समर्थन जुटाने के लिए तड़प रहे बादल और उनके समर्थक निचले स्तर पर गिर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अकालियों को इस बात का ज्ञान है कि 1984 के सिख दंगों में गांधी परिवार का नाम कभी भी नहीं आया परन्तु वह फिर भी राजनैतिक लाभ कमाने के लिए इस मामले में गांधी परिवार को लपेट रहे हैं।

          कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने फिर दोहराते हुए कहा कि ’84 के सिख दंगों के विरुद्ध हिंसा में कुछेक कांग्रेसियों के अलावा भाजपा और आर.एस.एस. वर्कर भी शामिल थे और अदालतें इनके खि़लाफ़ कार्यवाही करने के लिए अपना काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि अदालत की तरफ से सज्जण कुमार को उम्र कैद की सज़ा दी जा चुकी है और दंगों में शामिल बाकी दोषियों को कानूनी कार्यवाही का सामना करना पड़ेगा।

          मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि दंगों के मद्देनजऱ गांधी परिवार की किसी तरह की भागीदारी होती तो पीडि़तों में से कुछ लोग तो उनका नाम लेते। मुख्यमंत्री ने कहा कि दंगों के बाद वह तो निजी तौर पर पीडि़तों को मिलने के लिए शरणार्थी कैंपों में गए हैं जबकि सुखबीर अपना बोरी -बिस्तर गोल करके अमरीका चला गया था जिस कारण उसे उस समय हुई घटनाओं संबंधी बिल्कुल ही जानकारी नहीं है।

          मुख्यमंत्री ने कहा कि निराशा में डूबे अकाली राजनैतिक लाभ कमाने के लिए कानून अपने हाथों में ले रहे हैं जिसकी उनकी सरकार किसी भी कीमत पर इजाज़त नहीं देगी। उन्होंने कहा कि वह राज्य में महान बलिदान करके हासिल की गई अमन-शान्ति में किसी को भी विघ्न नहीं डालने देंगे।

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