करोड़ों नौकरियां देना वाले छोटे-बड़े दुकानदारों को मुहैया हो वर्किंग कैपिटल लोन -अमन अरोड़ा

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By Admin

लॉकडाउन खुलने के बाद दुकानदारों को अपना कारोबार फिर से शुरू करने में काफी दिक्कतों का करना पड़ रहा है सामना 
प्रधान मंत्री मोदी को पत्र लिख कर ‘आप’ विधायक ने दिए सुझाव

चंडीगड़, 4 जून (गीतिका ):
    आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के सीनियर नेता और विधायक अमन अरोड़ा ने प्रधान मंत्री नरिन्दर मोदी को पत्र लिख कर मांग की है कि करोड़ों की संख्या में रोजगार मुहैया करवा रहे छोटे-बड़े दुकानदारों को लॉकडाउन प्रकोप से उभरने के लिए वर्किंग कैपिटल लोन मुहैया करवाया जाए। 
    ‘आप’ हैडक्वाटर द्वारा जारी पत्र में अमन अरोड़ा ने कहा कि देश का संगठित और गैर-संगठित प्रचून बाजार 1300 बिलियन यू.एस. डालर का कारोबार कर रहा है। 2 करोड़ के करीब छोटे-बड़े दुकानदार लगभग 5 करोड़ से ज़्यादा नौकरियां उपलब्ध करवा रहे हैं। लॉकडाउन के घातक प्रभाव से बचाने के लिए इन दुकानदारों की मदद करना राज्य व केंद्र सरकारों का फर्ज है। उन्होंने बताया कि देश में कृषि और औद्योगिक क्षेत्र के बाद प्रचून (रिटेल) बाजार ही सबसे अधिक रोजगार और टैकस देने वाला क्षेत्र है। जिसको ऐसे मौके नजरअन्दाज करना देश और देश निवासियों के लिए ठीक नहीं होगा। 
    अमन अरोड़ा ने भारत के प्रधान मंत्री नरिन्दर मोदी को पत्र लिख कर सुझाव दिए हैं जिससे गली, मोहल्लों, बाजारों और मॉलस में दुकानें चला रहे छोटे दुकानदारों को वर्किंग कैपिटल कर्ज/फंड उपलब्ध करवाया जाए। अमन अरोड़ा ने अफसोस जताते कहा कोरोना-वायरस महामारी के दौरान इस क्षेत्र को पूरी तरह नजरअन्दाज किया गया है। कृषि और उद्योग क्षेत्रों के लिए किए गए ऐलानों के दौरान भी रिटेल क्षेत्र को कोई राहत नहीं दी गई। जिसके कारण पिछले 2 माह के लॉकडाउन और कफ्र्य के कारण गली, मोहल्लों, बाजारों और मॉलस में अपनी छोटी-मोटी संपत्ति जोड़ कर कारोबार चला रहे करोड़ों कारोबारी बेहद मुश्किल समय से गुजर रहे हैं। जबकि छोटे-बड़े दुकानदार गरीब लोगों को उधार दिए हुए सामान की वसूली भी नहीं कर पा रहे, अपनी प्रतिष्ठा बचाने के लिए थोक के व्यापारियों से खरीदे हुए माल की अदायगी करने के भारी दबाव के नीचे हैं और दुकानों में पड़ा माल भी खराब और एक्सपाइरी हो रहा है। 
    अमन अरोड़ा ने कहा कि लॉकडाउन खुलने के बाद इन कारोबारियें को अपना कारोबार फिर से शुरू करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस लिए उन्होंने (अमन अरोड़ा) प्रधान मंत्री नरिन्दर मोदी को गुजारिश की कि कृषि और उद्योगों की तर्ज पर बिना किसी कोलेटरल के स्कीम की तर्ज पर उक्त व्यापारी वर्ग को भी कर्ज दिया जाए। 
    अमन अरोड़ा ने अपने पत्र में सुझाव दिया कि ऐसे असंगठित (अन-रजिस्टर्ड) दुकानदारों को महीनावार किश्त पर 2.5 साल के लिए 3 लाख रुपए बिना ब्याज के और 5 साल के लिए 3 लाख रुपए रेपो रेट पर दिए जाएं। इसी तरह ही संगठित (रजिस्टर्ड) कारोबारियों को उनकी वार्षिक टर्न ओवर/समर्धा के अनुसार आधा कर्ज 2.5 साल के लिए बिना ब्याज और आधा 5 साल के लिए रेपो रेट के अनुसार दिया जाए। अरोड़ा ने कहा कि ऐसे छोटे दुकानदारों द्वारा पहले से ही के लिए हुए पांच लाख तक के कर्ज को भी एक साल के लिए ब्याज मुक्त कर दिया जाए तो इनको अपना कारोबार शुरू करने में काफी आसानी हो जाएगी।

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