यदि वे हड़ताल पर जाएंगे, तो उनके खिलाफ निश्चित तौर पर कार्यवाही की जा सकती है-पंवार

Haryana
By Admin

चण्डीगढ़, 7 अगस्त – हरियाणा के परिवहन मंत्री  कृष्ण लाल पंवार ने  बताया कि इस समय प्रदेश में विभाग की लगभग 500 बसें और सहकारी समितियों की 950 बसें सुचारू रूप से चल रही हैं। हम अधिकारियों के निरंतर सम्पर्क में हैं और सरकार निरंतर  प्रयासरत है कि लोगों को आवागमन के लिए किसी भी प्रकार की परेशानी न आए।

         पंवार ने आज रोडवेज यूनियनों द्वारा बुलाए गए बंद के आह्वान पर प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे थे।

        उन्होंने बताया कि यूनियनों के पदाधिकारियों के साथ 15 दिन पहले मेरी बैठक हुई थी, जिसमें उनकी 34 मांगों में से 33 मांगें मान ली गई थी और उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल और सरकार का धन्यवाद भी किया था। जब यूनियनों के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार 720 बसें लेकर आ रही है और विभाग का निजीकरण कर रही है, तो मैंने कहा था कि हम रोडवेज का निजीकरण नहीं कर रहे हैं।

        उन्होंने बताया कि परिवहन विभाग का बेड़ा 4100 बसों का है। वर्ष 2017-18 में हमने 600 बसें बेड़े में डाली थी, वर्ष 2018-19 में भी हमने 650 बसें बेड़े में डालने का फैसला किया है और मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल से इसकी स्वीकृति मिल चुकी है और अब यह मामला हाई पावर परचेज कमेटी के पास जाना है।

उन्होंने बताया कि हर वर्ष लगभग 250 से 300 बसें अपना समय पूरा कर जाती हैं, क्योंकि सात साल की अवधि और आठ लाख किलोमीटर के बाद उनको कंडम घोषित कर दिया जाता है। हम जो 720 बसें हायर कर रहे हैं, उनमें केवल बस और चालक ही मालिक के होंगे, लेकिन उस बस का परिचालक सरकारी होगा और उसका परमिट भी परिवहन विभाग का होगा। उस बस पर पूरा नियंत्रण महाप्रबन्धक का होगा। उन्होंने बताया कि बस मालिक को हम उसके टेंडर के अनुसार 300 किलोमीटर तक का ही रेट देंगे और टिकटों की बिक्री विभाग के पास होगी। ऐसे में निजीकरण का सवाल ही पैदा नहीं होता।

        मंत्री ने बताया कि हमने जो एलओए दिया है, उसके लिए वे लोग उच्च न्यायालय में गये थे और आज उसकी तारीख थी। परिवहन महानिदेशक और पुलिस महानिदेशक को भी इसमें बुलाया गया था। इस मामले की अगली तारीख 20 अगस्त, 2018 को लगी है और इस मामले में न्यायालय के जो भी निर्देश होंगे हम उनकी पालना करेंगे। उन्होंने बताया कि यह मंत्रिमण्डल का फैसला है और लोगों की सुविधा के लिए हमने ये बसें हायर की हैं, क्योंकि एक दिन में 33 लाख लोगों को परिवहन सुविधाओं की आवश्यकता है, जबकि हम केवल 12.50 लाख लोगों को ये सुविधाएं दे पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक दिन में लगभग 15,000 बसों की आवश्यकता है, लेकिन इतनी बसें सरकार एकदम खरीद नहीं सकती। जो बसें कंडम हो जाती हैं, उनका हम नवीकरण करते हैं और बेड़े में नई बसें डालने का काम करते हैं।

         पंवार ने बताया कि जो चालक वर्ष 2018 में भर्ती हुए हैं और जिनका प्रोबेशन पीरियड चल रहा है, यदि वे हड़ताल पर जाएंगे, तो उनके खिलाफ निश्चित तौर पर कार्यवाही की जा सकती है। प्रोबेशन के दौरान यदि कोई कर्मचारी हड़ताल पर जाता है तो उसे हटाया भी जा सकता है। उन्होंने बताया कि बसें हायर करने का फैसला कैबिनेट का है और तभी हमने इस स्कीम को शुरू किया है। इसके तहत 53 ट्रांसपोर्टर आये थे और 720 बसों में से हमने केवल 510 को ही एलओए दिया है।

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