पंजाब और इजऱाइल जल संरक्षण और सुरक्षा के क्षेत्रों में आपसी सहयोग के लिए सहमत

Punjab
By Admin
कैप्टन अमरिन्दर सिंह और इज़राइली राजदूत द्वारा नाश्ता के दौरान मीटिंग में द्विपक्षीय हितों के मसलों पर विचार -विमर्श
चंडीगढ़, 6 जुलाई
    पंजाब और इजऱाइल ने जल संरक्षण और सुरक्षा के नाजुक क्षेत्रों में प्रौद्यौगिकी के आदान-प्रदान के अलावा कृषि और सामाजिक विकास के क्षेत्रों में आपसी सहकारिता पर सहमति प्रकट की।
    आज यहाँ नाश्ते के दौरान हुई मीटिंग में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह और इज़ाईरल के भारतीय राज़दूत डेनियल कारमोन ने द्विपक्षीय हितों वाले अहम मुद्दों पर विचार -विमर्श किया। मुख्यमंत्री की इस महीने के अंत में भारत से निर्धारित रवानगी से पहले इज़ाईरल राज़दूत ने उनके साथ शिष्टाचार के नाते मुलाकात की।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार से उनके इजऱाइल दौरे को परवानगी मिलने से वह जल्द ही पश्चिमी एशियाई मुल्क का दौरा करने के इच्छुक हैं। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि जब भूजल के संरक्षण संबंधी कायम की गई पाँच सदस्यीय कैबिनेट सब-कमेटी इजरायल का दौरा करेगी, उनको इससे पहले कुछ ज़रूरी समझौते सहीबद्ध होने की आशा है। उन्होंने राजदूत को बताया कि कृषि विविधता संबंधी इजऱाइल की तरफ से इस्तेमाल किए जाते तौर-तरीकों का अध्ययन करने के लिए कैबिनेट सब-कमेटी का गठन किया गया है जिससे पानी का प्रयोग कम करने के साथ-साथ बेकार जाते पानी को पुन: इस्तेमाल किया जा सके।
    पंजाब में भूजल के गंभीर संकट का जि़क्र करते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने इस समस्या से निपटने के लिए इजऱाइल सरकार के अधीन आधुनिक प्रौद्यौगिकी से लैस प्राईवेट कंपनियोँ के द्वारा पायलट प्रोजैक्ट चलाने का सुझाव दिया। इजराइल के राजदूत ने सुझाव दिया था कि इजराइल की एक सरकारी एजेंसी ‘न्यूटैक्क’ भारत की राज्य सरकारों और उनके देश में प्राईवेट कंपनियों के साथ तालमेल करती हैं जिसके बाद मुख्यमंत्री ने पायलट प्रोजेक्टों के बारे में इच्छा ज़ाहिर की थी। राजदूत ने यह भी बताया कि गुजरात और महाराष्ट्र में तीन इजऱाईली कंपनियाँ बूंद सिंचाई प्रोजेक्टों पर काम कर रही हैं।
    राजदूत ने कहा कि पंजाब सरकार उन कंपनियों की निशानदेही करे, जिन कंपनियों के साथ वह काम करने की इच्छुक हैं। उन्होंने वादा किया कि दोनों सरकारों के बीच ज़रुरी समझौते सहीबद्ध करने में मदद करने के लिए राज्य सरकार के प्रस्तावों की जाँच करेंगे।
    राज़दूत ने मुख्यमंत्री को बताया कि इजऱाइल के प्रधानमंत्री अपने भारतीय समकक्ष को पिछले एक साल में दो बार मिले हैं जिस दौरान बरबाद होते पानी को सुधारने और शोरा ख़त्म करने की प्रणाली से सम्बन्धित प्रौद्यौगिकी साझा करने का वादा किया। उन्होंने कहा कि बाग़बानी और कृषि के बाद अगला क्षेत्र पानी है जिसमें इजराइल की तरफ से भारत के साथ बड़े स्तर पर काम किया जा रहा है।
    कारमोन ने बताया कि पीने वाले पानी की संभाल के लिए भारत की तरफ से आरंभ की गई मुहिम में इजराइल भी शामिल हुआ है। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में माहिरों की तरफ से जल्द ही उत्तर प्रदेश की सरकार के साथ समझौता सहीबद्ध किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब के साथ भी ऐसा समझौता न करने का कोई कारण नजऱ नहीं आता।
    मुख्यमंत्री ने पंजाब और इजराइल की यूनिवर्सिटियों के बीच आपसी ज्ञान और विचार साझा करने का प्रस्ताव भी रखा।
    राजदूत ने सामाजिक विकास पर एकजुट होकर काम करने का प्रस्ताव रखा जिसके लिए उनके देश ने पहले ही संकल्प पेपर तैयार किया हुआ है जिसको पंजाब सरकार के साथ साझा किया जा सकता है।
मीटिंग में मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव तेजवीर सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव (विकास) विश्वजीत खन्ना, डी.जी.पी. सुरेश अरोड़ा, डी.जी.पी. इंटेलिजेंस दिनकर गुप्ता, सचिव जल स्पलाई और सेनिटेशन जसप्रीत तलवार, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रमुख सचिव डा. गिरीश दयालन उपस्थित थे। शिष्टमंडल में फस्ट सैक्ट्री (पोलिटीकल) नौ हाकिम और लायन बैन अमी भी शामिल थे।

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