सुरेश कुमार के खिलाफ याचिका दायर करने वाले पर ही हाईकोर्ट ने उठाये सवाल

Punjab
By Admin

सुरेश कुमार की नियुक्ति रद्द करने के फैसले पर हाईकोर्ट की डबल बेंच ने रोक लगाते हुए इस मामले को लेकर याचिका दायर करने वाले याचिकाकर्ता के अधिकार पर सवाल उठा दिया हैl
डबल बेंच ने कहा कि क्या सिंगल बेंच के समक्ष इस याचिका पर सुनवाई होनी चाहिए थी या नहीl यह एक महत्वपूर्ण विषय है, जब याचिकाकर्ता इस नियुक्ति से सीधे तौर पर प्रभावित ही नही था तो किस आधार पर सिंगल बेंच इस याचिका पर सुनवाई कर सकती थीl याचिकाकर्ता यह कहना कि यह नियुक्ति पब्लिक इंट्रेस्ट में नही है तो यह इस याचिका पर पब्लिक इंट्रेस्ट लिटिगेशन (पी.आई.एल.) बेंच में ही सुनवाई होनी चाहिए थीl इस विषय पर गौर किया जाना बेहद ही जरुरी हैl
जस्टिस महेश ग्रोवर और जस्टिस राजबीर सेहरावत की डबल बेंच के सामने पंजाब सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट और पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री ने दलील दी कि, को-वरेंटो रिट के तहत यह याचिका दायर की गई थीl जिसके तहत तभी याचिका दायर की जा सकती है, जब कोई नियुक्ति पब्लिक ऑफिस में की जाये, जब नियुक्ति स्थाई पोस्ट पर की जाये या जब नियुक्ति किसी क़ानूनी प्रावधान के तहत की गई होl सुरेश कुमार के मामले में को-वरेंटो रिट इसलिए मैंटेनेबले नही है, क्योंकि उनकी नियुक्ति मुख्य मंत्री के प्रमुख सचिव के पद पर की गई है, जो पब्लिक ऑफिस नही है, सुरेश कुमार की नियुक्ति किसी स्थाई पोस्ट पर नही है, क्योंकि यह नियुक्ति सरकार के कार्यकाल पर निर्भर है और सुरेश कुमार की नियुक्ति किसी भी प्रावधान का उलंघन कर नही की गई, क्योंकि इस नियुक्ति के लिए कोई प्रावधान ही नही है जिसका की उलंघन किया जायेl
हाईकोर्ट ने भी कहा कि सरकार की सिंगल बेंच के फैसले के खिलाफ सरकार की अपील में उठाये गए सवाल बेहद महत्वपूर्ण है, ऐसे में इन पर गौर किया जाना बेहद ही जरुरी हैl इसीलिए हाईकोर्ट ने इन सभी मुद्दों में गौर करने के लिए प्रतिवादी पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है और सिंगल बेंच का फैसला जिसके तहत सुरेश कुमार कि मुख्य मंत्री के प्रमुख सचिव के पद पर नियुक्ति को रद्द किया गया था उस फैसले पर रोक भी लगा दी हैl

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