वैध कालौनियों मेंप्राॅपर्टी की रजिस्ट्री के लिए एन ओ सी की शर्त ख़तम, अवैध कालौनियां में लागू रहेगी शर्त

Punjab
By Admin

चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने वैध कालौनियों में जायज खरीददारों के अधिकारों को सुरक्षित रखने के लिए भी कहा उनको एन ओ सी की शर्त ख़तम कर दी है जब के सूबे में अनाधिकृत कालोनियों के लिए एनओसी की शर्त लागू रहेगी नये सर्वेक्षण के अनुसार राज्य में इस समय 7301 ग़ैर-कानूनी कलोनियां हैं जिनमें से 2906 नगरपालिका की सीमा के अंदर और 4395 नगरपालिका की सीमा से बहार है
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अवैध कालौनियां बसाने के किसी भी तरह के अन्य प्रयासों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए है और इसके साथ ही संबंधित विभागों को यह यकीनी बनाने के लिए कहा कि वैध कालौनियों में प्लाटों के जायज खरीददारों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना ना करना पड़े।
मुख्यमंत्री ने स्थानीय निकाय और भवन व शहरी विकास विभाग को यह निर्देश शहरी विकास को तर्कसंगत बनाने और अवैध निर्माणों को समाप्त करने के उद्देश्य से किये हैं।
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने विकास प्राधिकरण के मुख्य प्रशासकों को अपने -अपने अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत ग़ैर -कानूनी कलोनियों की अबतक की सूची भेजने के लिए निर्देश दिए हैं और इसके साथ ही उन्होंने संबंधित डिप्टी कमिश्नरों को म्म्यूनिसपल सीमा के भीतर ग़ैर -कानूनी कलोनियों की नवीनतम सूचीयां भेजने के लिए भी कहा है।
एक सरकारी प्रवक्ता के अनुसार मुख्यमंत्री ने राज्य में अवैध कलोनियों की किसी भी तरह की रजिस्ट्रेशन की जांच के समय यह यकीनी बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने के लिए भी कहा है ताकि इस प्रक्रिया के दौरान वैध कलोनियों में प्लाटों के असली खरीददारों को कोई परेशानी न आने दी जाये।
पपरा एक्ट के उपबंध के अनुसार ग़ैर-कानूनी कलोनियों में रजिस्ट्रेशन को रोके जाने का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने ज़ोर देकर कहा है कि ग़ैर-कानूनी कलोनियों के अलावा अन्य स्थानों पर प्लॉट होलडरों और प्लॉट खरीदने के चाहवानों के हितों की लाजि़मी तौर पर सुरक्षा की जाये। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि पहचान सूची के अलावा किसी अन्य कालोनी में प्लाट की रजिस्टरी के लिए एन.ओ.सी प्राप्त करना आवश्यक होगा।
जहाँ तक ग़ैर-कानूनी कालोनियों का संबंध है, राज्य में इस तरह के किसी भी विकास की आज्ञा नहीं दी जायेगी और पपरा एक्ट की धाराओं के अंतर्गत इसमें दोषी पाये जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही किये जाने के मुख्यमंत्री ने विभाग को निर्देश दिए हैं।
प्रवक्ता ने आगे बताया कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस विषय पर रूपरेखा नीति की समीक्षा कर रही कैबिनेट- सब-कमेटी में अपने साथियों को मार्च में होने वाली मंत्रीमंडल की बैठक में इससे सम्बन्धित सिफारिशें देने के लिए कहा है ताकि इन पर विचार-विमर्श हो सके। कैबिनेट- सब-कमेटी ने इस मामले पर पहले ही 2 बैठकें कर ली हैं। इस संबंधी प्रारूप नीति भवन व शहरी विकास और स्थानीय निकाय विभाग की वेब साईट पर डाल दी गई है जिससे आम लोग भी इस संबंधी अपने सुझाव /आपत्तियां दे सकें। इसके लिए अंतिम तिथि 1 मार्च, 2018 को 3 बजे तक निर्धारित की गई है।

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