राहुल की बजाय अब सोशल मिडिया के निशाने पर आये मोदी

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By Admin

नोटबंदी और जी.एस.टी. के चलते मोदी की छवि हुई धूमिल

अब तक सोशल मिडिया के निशाने पर रहे राहुल बाबा की जगह अब धीरे-धीरे मोदी लेते जा रहे हैंl  आजकल अधिकतर सोशल मिडिया की साइट्स पर मोदी ही लोगों के निशाने पर नजर आ रहे हैंl पहले नोटबंदी और बाद में जी.एस.टी. ने मोदी की छवि को निखारने की बजाय कम ही किया हैl नोटबंदी के बाद देश की अर्थव्यवस्था को क्या फायदा हुआ हैl इसका खुलासा केंद्र सरकार और मोदी 9 महीनों बाद भी नहीं कर पाए है और फिर बाद में जी.एस.टी. को लागु कर दिया गयाl इससे भी व्यापारी खासतौर पर छोटे व्यापारी केंद्र से खासे नाराज नजर आ रहे हैंl
मोदी के यह दोनों ही बड़े महत्वकांशी फैसले औंधे मुहं धाराशाही होते फ़िलहाल तो दिखाई दे रहे हैंl विपक्ष तो पहले से ही इन दोनों ही फैसलों का विरोध करता आ रहा हैl लेकिन अब तो भाजपा के बीच भी इन फैसलों को लेकर लेकर फूट साफ़ नजर आने लगी हैl वाजपेयी के समय वित्त मंत्री रहे यशवंत सिन्हा के आरोपों ने तो केंद्र सरकार के इन दोनों की फैसलों को कठघरों में खड़ा कर दिया है तो सिन्हा का यह कहना कि, इन दोनों ही फैसलों से देश की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हुआ हैl उसकी गवाही आंकड़े भी दे रहे हैंल
मोदी भक्त अब बचाव में जुटे, इसका राहुल को हुआ फायदा
चाहे इसे कांग्रेस की रणनीति कहें या मोदी की नाकामी इसका फायदा राहुल और कांग्रेस को मिलने लगा है, क्योंकि सोशल मिडिया का एक बड़ा वर्ग मोदी के खिलाफ होने के कारण अब तक आक्रामक नजर आ रहे मोदी भक्त बचाव की मुद्रा में आ गए हैंl मोदी भक्त अब मोदी के बचाव के लिए हर वो आंकड़े जुटाने में लगे हैं जिससे यह साबित कर सकें कि, मोदी के फैसले सही हैंl इनके बचाव में आने के कारण ही अब तक बचाव की मुद्रा में रही कांग्रेस आक्रामक हो गई है और इस मौके का जितना फायदा कांग्रेस उठा सकती है उठा लेना चाहेगीl
देश मांग रहा जवाब, नोटबंदी और जी.एस.टी. से क्या हुआ फायदा
मोदी और केंद्र सरकार पर अब पूरा दबाव बन गया है कि, उन्हें जल्द से जल्द नोटबंदी और जी.एस.टी. से देश की अर्थ्वय्स्था को हुए लाभ के बारे में आम लोगों कि बताना होगाl अगर मोदी इसमें नाकाम रहे तो इसका खामियाजा जल्द ही कुछ राज्यों में होने वाले चुनावों में भाजपा को उठाना पड़ सकता है, क्योंकि वहां प्रचार में सरकार के पास बताने को कुछ नहीं है और ऊपर से पेट्रोल और डीजल बढ़ते जा रहे दामों ने तो आम लोगों में रोष भर ही दिया है, जो वोट के जरिये बाहर आ सकता हैl

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