मुख्यमंत्री द्वारा ग़ैर-कानूनी खनन और कर चोरी के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश

Punjab
By Admin
 ग़ैर-कानूनी गतिविधियां रोकने हेतु विशेष बहु-विभागीय संयुक्त दल बनाने के ओदश
चंडीगढ़, 5फरवरी:
ग़ैर-कानूनी खनन और इससे सम्बन्धित करों की चोरी के विरुद्ध तीखा हमला करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने राज्य के सभी जिलों में सम्बन्धित डिप्टी कमीश्नरों के नेतृत्व में विशेष बहु -विभागीय संयुक्त दल गठित करने के आदेश जारी किये।
एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि इन टीमों में कर, खनन, राजस्व और पुलिस विभागों के अधिकारी शामिल होंगे और उनको ग़ैर-कानूनी खनन और करों की चोरी रोकने के लिए नाके लगाने का अधिकार होगा।
ग़ैर-कानूनी खनन की समस्या संबंधी गंभीर रूख अपनाते हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह ने स्पष्ट किया कि इस कार्य में शामिल किसी को भी किसी भी कीमत पर माफ नहीं किया जायेगा। उन्होंने कहा कि ग़ैर-कानूनी खनन और टैक्सों की चोरी के कारण सरकारी खजाने को बड़ा नुक्सान हो रहा है जिसे प्राथमिकता के आधार पर रोके जाने की ज़रूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब राज्य और अधिक नुक्सान सहन नहीं कर सकता।
मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि इस मामले में राजनैतिक हस्तक्षेप सहन नहीं किया जाएगा और उन्होंने बिना किसी देरी से प्राथमिकता के आधार पर इन लोगों के विरुद्ध कार्यवाही शुरू करने के लिए अधिकारियों को हिदायतें जारी की हैं।
खनन विभाग के जायज़े हेतु वित्त संबंधी उप-कमेटी की बैठक के बाद प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने स्टोन क्रैशरों पर चौकसी बढ़ाने के लिए भी हुक्म जारी किये जो रूपनगर, एस.ए.एस. नगर और पठानकोट नाम के तीन जिलों में स्थापित हैं।
खनन विभाग के काम-काज को दुरुस्त व और अधिक प्रभावी बनाने के लिए बैठक के दौरान खुला विचार-विमर्श हुआ। इस अवसर पर एक नया खनन विभाग स्थापित करने के प्रस्ताव संबंधी भी चर्चा हुई जिसके लिए मानवीय शक्ति विभिन्न सम्बन्धित विभागों से ली जायेगी।
चालू वित्तीय वर्ष के दौरान खनन व्यापार से प्राप्त हुए राजस्व संबंधी विस्तृत जानकारी देते हुए विभाग ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष के दौरान 19 फरवरी और 15 मार्च को निर्धारित की गई दो और बोलियों के बाद वर्ष 2017 -18 में कुल राजस्व कई गुणा अधिक बढ़ जायेगा। इस संबंधी अनुमान लगाया गया है कि अगले वर्ष खनन से राजस्व तीन गुणा हो जायेगा।
19 फरवरी को की जा रही बोली के दौरान 48 रेत की खानों (1.64 करोड़ टन) और 3 बजरी (0.2 करोड़ टन) की खानों की बोली होगी जबकि 15 मार्च को रेत की 145 खानों (2.7 करोड़ टन) और बजरी की 18 खानों (0.2 करोड़ टन) की खुली बोली होगी।
विभाग के अधिकारियों ने बैठक के दौरान आगे बताया कि बोली की गई 34 खानें (329 हेक्टेयर क्षेत्रफल में) अभी कार्यशील होनीं हैं। जैसे ही इनमें उत्पादन शुरू हो जाएगा तब राजस्व और भी अधिक बढ़ जायेगा। उन्होंने बताया कि 10 प्रतिशत खनन उत्पादन बढऩे से कमाई 600 -800 करोड़ रुपए जा सकती है।
मुख्यमंत्री ने बोली की गई खानों को तुरंत कार्यशील करने को यकीनी बनाने के लिए कदम उठाए जाने के लिए निर्देश दिए। इस दौरान ही उन्होंने आगे होने वाली अन्य बोलियों के लिए प्रचार की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।
बैठक के दौरान बजरी की अन्य खानों की पहचान करने की आवश्यकता पर भी ज़ोर दिया गया जिससे मांग और स्पलाई के अंतर को पूरा किया जा सके। इस समय बजरी की कुल माँग 2.4 करोड़ टन है जिसमें से सिफऱ् 16 प्रतिशत ही सरकारी स्पलाई से पूरी की जा रही है। इसी तरह रेत की 1.6 करोड़ टन की मांग में से 35 प्रतिशत पुरी की जा रही है। खनन विभाग के अनुसार राज्य में कुल मांग 4 करोड़ टन है।
बैठक में शामिल अन्यों में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ब्रह्म मोहिंदरा, वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल, मुख्यमंत्री के वित्त सलाहकार वी.के. गर्ग, चेयरमैन गवर्नेंस और नैतिक कमीशन के.आर. लखनपाल, मुख्य सचिव करन अवतार सिंह, प्रमुख सचिव वित्त अनिरुद्ध तिवाड़ी, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव तेजवीर सिंह, उद्योग और कॉमर्स के प्रमुख सचिव राकेश वर्मा तथा निदेशक खनन अमित ढाका उपस्थित थे।

Leave a Reply