मुख्यमंत्री द्वारा किसानों के लिए कजऱ् राहत के दूसरे पड़ाव की शुरूआत

Punjab
By Admin

व्यापारिक बैंकों के 1,09,730 सीमांत किसानों को 1771 करोड़ रुपए की कजऱ् राहत मिली

ढाई से पाँच एकड़ ज़मीन वाले किसानों को भी कजऱ् राहत देने का ऐलान

प्रधानमंत्री से पंजाब से केंद्रीय एशियाई देशों को आलू और चीनी का निर्यात करने के लिए मंजूरी देने की मांग

बारन (पटियाला), 7 दिसम्बर:

         किसानों के लिए कजऱ् राहत स्कीम को और आगे बढ़ाते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने आज चार जिलों के 1,09,730 योग्य सीमांत किसानों को व्यापारिक बैंकों के 1771 करोड़ के कर्ज से राहत मुहैया करवाने के साथ-साथ ढाई से पाँच एकड़ ज़मीन वाले किसानों को भी इसका लाभ देने के लिए स्कीम का विस्तार करने का ऐलान किया है।

         आज यहाँ राज्य स्तरीय समागम के दौरान औपचारिक शुरुआत के तौर पर 25 किसानों को कजऱ् राहत सर्टिफिकेट सौंपने के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राशि सीधा व्यापारिक बैंकों के सीमांत किसानों के खातों में डाली जायेगी और इस प्रक्रिया को कल तक मुकम्मल कर लिया जायेगा। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कजऱ् माफी के अगले पड़ावों में भूमि रहित कामगारों का कजऱ् माफ करने के प्रति भी वचनबद्धता ज़ाहिर की।

         मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी सीमांत किसानों का दो लाख रुपए तक का कजऱ् माफ किया जायेगा और इस तरह दो लाख रुपए तक का कजऱ् उठाने वाले छोटे किसानों को यही राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि पहले पड़ाव में सहकारी बैंकों के 3.18 लाख सीमांत किसानों का 1815 करोड़ रुपए का कजऱ् माफ किया गया है और आज के राज्य स्तरीय समागम में व्यापारिक बैंकों के 1.09 लाख सीमांत किसानों को 1771 करोड़ रुपए की कजऱ् राहत दी गई है।

         मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि तीसरे पड़ाव में सहकारी बैंकों से जुड़े 2.15 लाख छोटे किसानों को कजऱ् राहत मुहैया करवाई जायेगी जबकि चौथे पड़ाव में व्यापारिक बैंकों के 50752 छोटे किसानों का कजऱ् माफ होगा।

         केंद्रीय एशियाई देशों को चीनी और आलू के निर्यात की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इन वस्तुओं की निर्यात सूची जिसको बीते दिन मंजूरी दी गई है, में शामिल करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि यदि भारत सरकार, पंजाब को यह वस्तुएँ निर्यात करने की इजाज़त दे दे तो इससे राज्य के गन्ना काश्तकारों और आलू उत्पादकों को बहुत बड़ा लाभ पहुँच सकता है।

         कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने किसानों तक पहुँच रहे जाली बीजों, खेती रासायनों और अन्य खेती वस्तुओं की समस्या पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि उनकी सरकार द्वारा ऐसे उत्पादों की बिक्री को रोकने के लिए 24 घंटे चौकसी इस्तेमाल की जा रही है। उन्होंने बताया कि खादों के संतुलित प्रयोग को यकीनी बनाने के लिए शुरू की गई विशेष मुहिम के नतीजे के तौर पर सावन की फ़सल -2018 के दौरान पिछले साल के मुकाबले युरिया और डीएपी के प्रयोग में क्रमवार 1 लाख मीट्रिक टन और 46 हज़ार टन की कमी हुई है। उन्होंने बताया कि इसके नतीजे के तौर पर तकरीबन 200 करोड़ रुपए की बचत हुई है।

         कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि यह मुहिम बासमती और खेती रासायनों का उचित प्रयोग करने के लिए किसानों को जागरूक करने के लिए शुरू की गई थी। सावन की फ़सल -2018 के दौरान एसफेट, कारबाडेजि़म, ट्राईजोफोस, थियामैथोज़म और ट्राईसाकलाजोल जैसे पाँच कीटनाशकों के प्रयोग के लिए निरोत्साहित किया गया। इसके नतीजे के तौर पर मानक बासमती पैदा होनी शुरू हुई जिसने अंतरराष्ट्रीय मापदंड पूरे करने शुरू कर दिए हैं। किसानों को बासमती का बढिय़ा भाव मिलने लग पड़ा है। उन्होंने कहा कि पिछले साल के 2600 -3000 रुपए के मुकाबले इस साल किसानों को प्रति क्विंटल 3600 -4000 रुपए मिल रहे हैं।

         फसलों की बिना किसी अड़चन से खरीद को यकीनी बनाने के लिए अपनी वचनबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सितम्बर के अंत में बेमौसमी भारी बारिश के बावजूद उनकी सरकार ने धान की निर्विघ्न खरीद को यकीनी बनाया है। इस समय तक 187 लाख टन धान की फ़सल खरीदी जा चुकी है।

         कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि इजराइल और पी.ए.यू. के माहिरों की हिस्सेदारी के साथ राज्य जल संरक्षण पर विशेष ध्यान केंद्रित करेगा जिससे इस कीमती संसाधन को संभाला जा सके।

         इस दौरान अपने संबोधन में पंजाब मंडी बोर्ड के चेयरमैन स. लाल सिंह ने कहा कि पिछली अकाली -भाजपा गठजोड़ की सरकार की बुरी और दिशाहीन नीतियों स्वरूप राज्य के खजाने की बुरी हालत हो गई और राज्य 2,08000 करोड़ रुपए कजऱ्े के बोझ नीचे दब गया। लाल सिंह ने बताया कि कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व अधीन पंजाब मंडी बोर्ड द्वारा 750 करोड़ रुपए ख़र्च करके राज्य की मंडियों का बुनियादी ढांचा सुधारा जा रहा है जबकि गाँवों को जोड़ती हर सडक़ बनाई जा रही है और पहले पड़ाव के अंतर्गत 2000 करोड़ रुपए ख़र्च कर 16000 किलोमीटर लिंक सडक़ों की मुरम्मत करवाई जा रही है।

         इस मौके पर पंजाब के परिवार कल्याण और स्वास्थ्य मंत्री श्री ब्रह्म मोहिंद्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह द्वारा जल्दी ही सूबे के 43 लाख लोगों को 5 लाख रुपए की नगदी रहित बीमा स्कीम के घेरे में लाकर सेहत सेवाओं का लाभ दिया जायेगा जोकि बेहतर सेहत सेवाएं प्रदान करने में एक अहम मील पत्थर साबित होगा।

         श्री ब्रह्म मोहिंद्रा ने कहा कि कैप्टन अमरिन्दर सिंह के गतिशील नेतृत्व अधीन सूबा सरकार ने जो काम केवल पौने दो सालों में ही कर दिखाए हैं, वह समय पिछली सरकार के 10 सालों के कार्यकाल के मुकाबले एक सुनहरी समय साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार मैनीफैस्टो में किया गया हर वायदा पूरा कर रही है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा आरंभ किये गये ‘मिशन तंदुरुस्त’ पंजाब के कारण सरकारी अस्पतालों में सेहत सेवाएं बेहतर हुई हैं और ओ.पी.डी. बढ़ गई है।

         इस विशाल समागम को संबोधित करते हुए पूर्व केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री श्रीमती परनीत कौर ने इस कजऱ् राहत स्कीम के लिए सूबे के किसानों को बधाई देते हुए इस अहम उपराले के लिए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह और पंजाब सरकार का धन्यवाद किया। श्रीमती परनीत कौर ने किसानों की सदा खुशहाली और तरक्की की कामना करते हुए भरोसा दिया कि पंजाब सरकार उनके दुख -सुख में हमेशा उनके साथ खड़ा होने और सूबे का सर्वपक्षीय विकास करवाने के लिए वचनवद्ध है।

         मैंबर पार्लियामेंट और प्रदेश कांग्रेस प्रधान श्री सुनील जाखड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह द्वारा आरंभ की गई किसानों को कजऱ् राहत प्रदान करने की इस निवेकली स्कीम ने केंद्र और देश की दूसरी राज्य सरकारों को भी रास्ता दिखाया है कि किसानों का कजऱ् किस तरह माफ किया जाता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने इस कजऱ् राहत स्कीम से जहाँ किसानों के कल्याण के लिए कदम उठाया है, वहीं अपना चुनावी वायदा भी पूरा किया है।

         अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल द्वारा पंजाब सरकार की इस कजऱ् राहत स्कीम की आलोचना करने के लिए पिछली अकाली -भाजपा सरकार पर बरसते हुए श्री सुनील जाखड़ ने कहा कि उनको अपने गिरेबान में झांकना चाहिए कि उन्होंने अपने 10 सालों के कार्यकाल के दौरान क्या किया? उन्होंने कहा कि पंजाब के अंदर कैप्टन अमरिन्दर सिंह की किसान हितैषी सरकार के पौने दो सालों में हालात बदले हैं और किसानों की आत्महत्याओं का रुझान घटा है जबकि अकाली -भाजपा सरकार के 10 सालों के कार्यकाल के दौरान एक साल में 1000 के करीब किसानों ने आत्महत्याएँ की जबकि यह संख्या अब 250 -300 तक रह गई है।

         हलका राजपुरा के विधायक और जिला कांग्रेस के देहाती प्रधान स. हरदयाल सिंह कम्बोज़ ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह समेत समूचे कैबिनेट मंत्रियों, किसानों और अन्य आदरणिय को स्वागतम कहती पंजाब सरकार द्वारा किसानों को प्रदान की गई इस कजऱ् राहत के लिए किसानों को बधाई देते हुए धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि यह कजऱ् राहत स्कीम कृषि क्षेत्र में बड़े और रचनात्मक बदलाव लाने के लिए सहायक होगी। इस दौरान पंजाब के प्रसिद्ध गायक कुलविन्दर बिल्ला ने संस्कृतिक प्रोग्राम की पेशकारी की।

         इस विशाल राज्य स्तरीय समागम के दौरान पटियाला, फ़तेहगढ़ साहिब, लुधियाना और संगरूर जिलों के बड़ी संख्या में पहुँचे लाभपात्री किसानों के अलावा लोक सभा मैंबर चौधरी संतोख सिंह, वित्त मंत्री श्री मनप्रीत सिंह बादल, ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री श्री तृप्त रजिन्दर सिंह बाजवा, रोजग़ार सृजन और प्रशिक्षण मंत्री श्री चरनजीत सिंह चन्नी, उद्योग मंत्री श्री शाम सुंदर अरोड़ा, लोक निर्माण मंत्री श्री विजय इंद्र सिंगला, बिजली मंत्री स. गुरप्रीत सिंह कांगड़, पशु पालन मंत्री श्री बलबीर सिंह सिद्धू, विधायक राणा गुरजीत सिंह, विधायक राजपुरा श्री हरदयाल सिंह कम्बोज़, विधायक पट्टी स. हरमिन्दर सिंह गिल, विधायक शुतराना श्री निर्मल सिंह, विधायक घनौर श्री मदन लाल जलालपुर, विधायक श्री राज कुमार चब्बेवाल, विधायक करतारपुर चौधरी सुरिन्दर सिंह, विधायक फ़तेहगढ़ साहिब श्री कुलजीत सिंह नागरा, विधायक बसी पठाना स. गुरप्रीत सिंह जी.पी., पूर्व मंत्री स. मलकीत सिंह दाखा, श्री हरिन्दरपाल सिंह हैरीमान, चेयरमैन पी.आर.टी.सी श्री के.के. शर्मा, नगर निगम के मेयर श्री संजीव शर्मा बिट्टू, सीनियर डिप्टी मेयर स. योगिन्दर सिंह योगी, डिप्टी मेयर श्रीमती विन्नी संगर, मुख्यमंत्री के राजनैतिक सचिव कैप्टन सन्दीप संधू, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री रवीन ठुकराल, मुख्यमंत्री के ओ.एस.डी. स. अंमृतप्रताप सिंह हनी सेखों और श्री राजेश शर्मा, जिला कांग्रेस समिति शहरी प्रधान श्री प्रेम कृष्ण पुरी, पंजाब राज भलाई कौंसिल की नव नियुक्त चेयरपर्सन श्रीमती गुरशरन कौर रंधावा, श्री रीतिन्दर सिंह रिक्की मान, महिला कांग्रेस की शहरी प्रधान श्रीमती किरन ढिल्लों, एफ.सी.आर सहकारिता श्री विश्वजीत खन्ना, सचिव कृषि और किसान कल्याण विभाग स. काहन सिंह पन्नू, पंजाबी यूनिवर्सिटी के वाईस चांसलर डा. बी.एस. घूमन्न, आई.जी. पटियाला जोन स. ए.एस. राय और डिप्टी कमिशनर पटियाला श्री कुमार अमित उपस्थित थे।

Leave a Reply