मनप्रीत सिंह बादल ने राणा के.पी. सिंह को आज़ादी से पहले की सांझे पंजाब विधानसभा की बहस का रिकार्ड सौंपा

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By Admin

– विभाजन से पहले के सांझे पंजाब संबंधित अनुसंधान कार्याे के लिए रिकार्ड होगा लाभप्रद – राणा के.पी. सिंह
– रिकार्ड की एक कापी हरियाणा विधानसभा और राष्ट्रीय पुरातत्व विभाग को भी सौंपी जायेगी – मनप्रीत सिंह बादल
– रिकार्ड के 43 प्रारूप पंजाब विधानसभा पुस्तकालय की बने शान, 1937 से 1947 तक की बहस शामिल
– उस दौर के कई अहम बिलों की बहस रिकार्ड में शामिल, सारा रिकार्ड अंग्रेज़ी में
चंडीगढ़, 5 दिसंबर:
पंजाब विधानसभा की पुस्तकालय को आज वित्त मंत्री श्री मनप्रीत सिंह बादल ने उस समय पूर्ण कर दिया जब आज़ादी से पहले के सांझे पंजाब की विधानसभा की बहस का रिकार्ड उन्होंने पंजाब विधान सभा के स्पीकर राणा के.पी. सिंह को सौंपा।
पंजाब विधानसभा में स्पीकर के कार्यालय में एक साधारण परंतु प्रभावशाली समागम के दौरान सांझे पंजाब की विधानसभा के 23 मार्च 1937 से 3 मार्च 1947 तक के समय के दौरान हुई बहस का रिकार्ड 43 प्रारूप में वित्त मंत्री श्री मनप्रीत सिंह बादल ने स्पीकर राणा के.पी. सिंह को दिया जो कि विधानसभा की पुस्तकालय में रखा जायेगा।
इस अवसर पर राणा के.पी. सिंह ने कहा कि विभाजन से पहले सांझे पंजाब की विधानसभा दोनों देशों के लोगों का प्रतिनिधित्व करती थी और इस हिसाब से इन बहसों का ऐतिहासिक स्तर पर बहुत महत्व है। उन्होंने कहा कि सांझे पंजाब संबंधी विभिन्न मुद्दों पर अनुसंधान कार्य करने वाले शोधकत्र्ताओं के लिए यह रिकार्ड बहुत ही लाभप्रद सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि इन बहसों को पढक़र भारत-पाकिस्तान की विभाजन से पहले की परिस्थितियों संबंधी भी अच्छी जानकारी हासिल होगी। राणा के.पी. सिंह ने विधानसभा द्वारा वित्त मंत्री का धन्यवाद करते हुये कहा कि जिस कोशिश से श्री मनप्रीत सिंह बादल ने यह रिकार्ड हासिल करके विधानसभा की पुस्तकालय तक पहुंचाया है उसके लिए वित्त मंत्री की प्रशंसा करनी बनती है। उन्होंने कहा कि इस रिकार्ड से पंजाब विधानसभा क ी पुस्तकालय और धनी हो गई है।
रिकार्ड संबंधी और जानकारी देते हुये वित्त मंत्री श्री मनप्रीत सिंह बादल ने कहा कि बहुत प्रयासों के बाद इस बहस को 43 प्रारूपों में उन्होंने पाकिस्तान से फोटो कॉपी के रूप में हासिल किया। उन्होंने बताया कि इस रिकार्ड में बहुत महत्वपूर्ण बिलों की बहस भी शामिल हैं जिससे आज़ादी की लहर संबंधी अह्म जानकारी भी हासिल होगी। उन्होंने बताया कि यह संपूर्ण रिकार्ड अंग्रेज़ी में उपलब्ध है क्योंकि उस समय विधानसभा की संपूर्ण कार्रवाई अंग्रेज़ी में ही रिकार्ड होती थी। श्री बादल ने कहा कि इस रिकार्ड की एक-एक कॉपी हरियाणा विधानसभा और राष्ट्रीय पुरातत्व विभाग को भी दी जायेगी। उन्होंने रिकार्ड प्राप्त करने में आई.ए.एस अधिकारी श्री रवींद्र कुमार कौशिक द्वारा मदद की प्रशंसा भी की।
इस अवसर पर अन्य प्रमुख व्यक्तियों में डिप्टी स्पीकर श्री अजैब सिंह भट्टी, विधायक श्री सुखजिंदर सिंह रंधावा, श्री राकेश पांडे, श्री अमरीक सिंह ढिल्लों, श्री नत्थू राम, श्री दर्शन लाल, श्री सुरजीत सिंह धीमान, डा. राज कुमार चब्बेवाल, प्रो. बलजिंदर कौर, श्री अमन अरोड़ा, श्री बलदेव सिंह, श्री अमरजीत सिंह, श्री मनजीत सिंह बिलासपुर, विधानसभा की सचिव श्रीमती शशि लखनपाल मिश्रा और स्पीकर के निजी सचिव श्री रामलोक आदि उपस्थित थे।