पंजीकरण फ ीस की अदायगी संबंधी रेरा द्वारा सर्कुलर जारी

Punjab
By Admin

चंडीगड़, 23 फरवरी: रीयल अस्टेट रेगुलेटरी अथारटी (रेरा), पंजाब ने पंजीकरण फीस की अदायगी के उदेश्य से एक सर्कुलर जारी किया है ताकि प्रमोटरों को पता लग सके कि उनका कौन सा प्रोजेक्ट किस श्रेणी में आता है और उसकी फीस कितनी अदा करनी है। सर्कुलर में स्पष्ट किया गया है कि विला (बंगला) के निर्माण या निजी प्लाटों पर इंडिपैंडेंट मंजि़लों के निर्माण के लिए कितनी पंजीकरण फीस अदा करनी है।

रेरा एक्ट के सैक्शन 2 मे ‘अपार्टमेंट’ की परिभाषा का हवाला देते हुए सर्कुलर में स्पष्ट किया है कि अपार्टमेंट को चाहे ब्लाक कहा जाये या चेंबर, निवास स्थान, फ़लैट, कार्यालय, शोरूम, दुकान, गोदाम, सुइट, रिहायश की इकाई या किसी भी अन्य नाम से बुलाया जाये, अर्थात एक अलग अचल संपति जिस में किसी इमारत या प्लाट की एक या एक से अधिक मंजि़लों या कोई भाग जो रिहायश या व्यापारिक उदेश्य के लिए या व्यापार के इरादे से इस्तेमाल किया जाता हो जैसे रिहायश, दुकान, कार्यालय, शोरूम या गोदाम या किसी व्यापार, व्यवसाय या पेशे से सम्बन्धित या व्यापार का कोई अन्य रूप जो दर्शाये गए उदेश्य को सिद्ध करने में सहायक हों, को अपार्टमेंट समझा जायेगा।’

यह भी आगे स्पष्ट किया गया है कि उपरोक्त परिभाषा के हवाले से विला (बंगला) या निजी प्लाटों पर इंडिपैंडेंट मंजि़लों का निर्माण स्पष्ट तौर पर ‘अपार्टमेंट’ की परिभाषा अधीन आते हैं क्यों कि यह ज़मीन पर बना निर्माण स्वयंयता रिहायशी इकाईयां हैं। इस लिए यह सभी प्रोजैक्ट जो कि नियम के शडियुल 1 के अनुसार ‘गु्रप हाउसिंग’ श्रेणी में आते हैं, को पंजीकरण फीस ग्रुप हाउसिंग वाली ही देनी होगी।

गौरतलब है कि रेरा के ध्यान में आया है कि प्रमोटरें को अब तक यह साफ़ तौर पर पता नहीं था कि विला (बंगला) के निर्माण या निजी प्लाटों पर इंडिपैंडेंट मंजि़लों के निर्माण की पंजीकरण फीस की अदायगी किस श्रेणी में आती है क्योंकि ऐसे निर्माण पंजाब स्टेट रियल अस्टेट (रैगूलेशन और डिवैल्पमैंट) नियम 2017 के शड्यूल 1 में दर्शार्ईं श्रेणियों की सूची में शामिल नहीं थे। शड्यूल 1 में दर्ज योग्य श्रेणियों में सिफऱ् ‘ग्रुप हाउसिंग’ और ‘ रैजिड़ैंशल प्लाट’ शामिल थे।

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