पंजाब पुलिस ने सुलझाई मोगा पार्सल बम धमाके की गुत्थी, दोषी को उड़ीसा से किया काबू

Punjab
By Admin
चंडीगढ़, 4 अक्तूबर:
पंजाब पुलिस द्वारा 26 सितम्बर को चैंबर रोड, मोगा में स्थित एक कोरियर की दुकान पर हुए बम धमाके के मामले को सुलझा लिया गया है और उड़ीसा के रहने वाले राजबीर रज्याना को गिरफ्तार भी कर लिया गया है।
राजबीर उर्फ राज पुत्र राजिन्दर राज्याना निवासी बसंत कालोनी, रूडक़ेवाला, जिला सुन्दरगड़, उडीसा ने जिला संगरूर में स्थित एक पारिवारिक ज़मीन के झगड़े के कारण इस धमाके की साजिश रची थी।
इस सम्बन्धी जानकारी देते हुए पुलिस विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि क्योंकि यह पार्सल भूपेश रज्याना, रज्याना हाऊस, पटियाला गेट, संगरूर के नाम पर था इसलिए राज को अपने पारिवारिक सदस्यों से पुलिस की जांच में शामिल होने के लिए कहा था और पारिवारिक झगड़े के इस मामले की बहुत बारीकी से जांच की गई थी। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि भूपेश रज्याना की सास का वर्ष 2016 में कत्ल हो गया था और इसी पक्ष की बहुत गंभीरता से छानबीन करने के बाद मिले महत्वपूर्ण सुरागों के कारण मामले की जड़ तक पहुँचा जा सका है।
भूपेश रज्याना को सीसीटीवी फुटेज दिखाया गया और उसने संदिग्ध व्यक्ति की पहचान राजबीर राज्याना के तौर पर की और आगे खुलासा करते हुए भुपेश ने बताया कि बलजीत सरूप रज्याना के दो पुत्र मलविन्दर सरूप रज्याना और राजिन्दर सरूप रज्याना थे जिनमें से वह (खुद) मलविन्दर सरूप का पोता और दलीप रज्याना का पुत्र है जबकि राजबीर रज्याना उर्फ राज को उसने राजिन्दर सरूप का पुत्र बाताया।
भूपेश ने बताया कि जिला संगरूर के गाँव खेडि़ में उनकी पारिवारिक जायदाद थी और रणबीर कॉलेज, संगरूर के सामने उनका घर था और इसी जायदाद का बंटवारा ही लड़ाई का असली कारण था। उसने बताया कि राज 2018 के शुरू में संगरूर में ज़मीन के इस मसले को निपटाने के लिए आया था परन्तु मामला सुलझ नहीं सका था ।
जांच को आगे चलाते हुए डी.एस.पी इन्वेस्टिगेशन, मोगा हरिन्दर सिंह के नेतृत्व में पुलिस पार्टी रूड़किला, जिला सुन्दरगड़, उडीसा रवाना हुई थी और सुन्दरगड़ जिला पुलिस के सहयोग के परिणामस्वरूप पंजाब इंटेलिजेंस विंग ने 2 अक्तूबर को राजबीर उर्फ राज को गिरफ्तार कर लिया था।
इस सम्बन्धी सुन्दरगड़ (उड़ीसा) के चीफ़ जुडिशियल मैजिस्ट्रेट से दोषी का पाँच दिनों का रिमांड लिया गया और अन्य जांच जारी है।
प्रवक्ता ने बताया कि राज ने कबूला है कि वह 20 से 28 सितम्बर तक जालंधर रेलवे स्टेशन के सामने पड़ते मॉडर्न गेस्ट हाऊस में रहा था। इसलिए 4 अक्तूबर को पुलिस पार्टी और फोरेंसिक सांईंस की टीम की मौजुदगी में उक्त दोषी को मॉडर्न गेस्ट हाऊस, जालंधर लाया गया जिससे मामले की जड़ तक पहुँचा जा सके। फोरेंसिक सांईंस की टीम गेस्ट हाऊस के उस कमरे की गंभीरता से जांच कर रही है जहाँ उक्त दोषी ने आईईडी /पार्सल बम तैयार किया था।
यह भी बताना ज़रूरी है कि विकास सूद पुत्र ज्ञान चंद, निवासी मकान नं: 539, गली नं: 9, मोहल्ला किशनपुरा, मोगा और एक ग्राहक राकेश कुमार पुत्र ओम प्रकाश, निवासी गली नं: 5, जवाहर नगर, मोगा को इस धमाके के दौरान चोटें आईं थीं। विकास सूद के बयानों पर दोषी के विरुद्ध धारा -307,427,120-बी और 304 विस्फोटक पदार्थ कानून के अंतर्गत थाना सीटी, मोगा में मामला दर्ज कर लिया गया है और एस.आई.टी. द्वारा अगली जांच जारी है।
प्रवक्ता ने यह भी बताया कि जांच के दौरान यह पाया गया कि 27 सितम्बर को पुलिस की 4 टीमें इंस्पैक्टरों के नेतृत्व में पार्सल जमा कराने वाले दोषी की फुटेज खोजने में जुट गई थीं और दोषी को घटनास्थल के नज़दीकी तीन-चार अलग -अलग स्थानों पर देखा गया था। अगले दिन जब सी.सी.टी.वी. फुटेज की हद को और बढ़ाया गया तो बस स्टैंड से सूद कोरियर तक दोषी को 10 से 12 अलग -अलग स्थानों पर देखा गया।

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