नवजोत सिंह सिद्धू की उपस्थिति में डा.सुरजीत पातर ने पंजाब कला परिषद के चेयरमैन का पद संभाला

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By Admin

 

डा.सुरजीत पातर के नेतृत्व में सांस्कृतिक पार्लियामेंट बना कर नौजवानों की लोक लहर निर्मित की जायेगी- सिद्धू

पंजाबी विरासत, संस्कृति  और साहित्य की प्रफुल्लिता के लिए कार्य को प्राथमिकता दी जायेगी- पातर

डा. नीलम मान सिंह ने कला परिषद् के सीनियर वाइस चेयरपर्सन के तौर पर पद संभाला

चंडीगड़•, 7 सितंबर:

प्रसिद्ध शायर और साहित्यक जगत की उच्च कोटी की शखशियत डा.सुरजीत पातर ने आज पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामलों संबंधी मंत्री स. नवजोत सिंह सिद्धू की उपस्थिति में पंजाब कला परिषद के चेयरमैन का पद संभाल लिया। डॉ. नीलम मान सिंह ने परिषद के सीनियर वॉइस चेयरपर्सन के तौर पर भी पद संभाल लिया। यहां सैक्टर 16 स्थित पंजाब कला भवन में हुए साधारण किंतु प्रभावशाली समारोह के दौरान पंजाब प्रदेश कांग्रेस के प्रधान श्री सुनील जाखड़, श्री भारत भूषण आशु, स. बलबीर सिंह सिद्धू, डा. राज कुमार वेरका, स. परमिंदर सिंह पिंकी, स. प्रगट सिंह, स. कुलबीर सिंह ज़ीरा, श्री अमित विज और श्री संजीव तलवाड़ (सभी विधायक) और पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामले विभाग के प्रमुख सचिव श्री जसपाल सिंह भी उपस्थित हुए।

मीडिया से बातचीत करते हुये पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामलों संबंधी मंत्री स. सिद्धू ने कहा कि आज पंजाब के लिए ऐतिहासिक दिन है जब साहित्य, संस्कृति, मातृभाषा और विरसे की संभाल के लिए काम करती संस्था पंजाब कला परिषद् का नेतृत्व पंजाबी साहित्य की उच्च कोटी की शखशियत डा.सुरजीत पातर ने संभाली है। उन्होंने कहा कि यह इस संस्था और पंजाब सरकार के लिए गौरव  वाली बात है कि डा. पातर जैसे आज के दौर की प्रमुख साहित्यक हस्ती ने इस संस्था के चेयरमैन की जि़म्मेदारी निभाने की पेशकश को कबूला। उन्होंने  कहा कि वह मुख्य मंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के तह दिल से धन्यवादी है जिन्होंने डा. सुरजीत पातर की नामज़दगी करके पंजाब के संस्कृति को नयी दिशा दी है।

स. सिद्धू ने विश्वास व्यक्त किया कि डा. पातर के नेतृत्व में सूबे में संस्कृतिक पार्लियामेंट बनाकर नौजवानों के लिए ऐसी लोक लहर निर्मित की जायेगी जिससे आने वाली पीढ़ी को पंजाब के अमीर विरसे और संस्कृति से जोड़ा जायेगा। उन्होंने कहा कि कला परिषद की गतिविधियों को जि़ला, तहसील और फिर गांव स्तर  तक ले जाने का काम किया जायेगा जिस के लिए डा. पातर का नेतृत्व बहुत काम आयेगा। उन्होंने कहा कि पंजाब देश भर में मनीपुर के बाद दूसरा राज्य है जिसने संस्कृतिक नीति बनाई है और इस को अमली जामा पहनाने में कला परिषद का अहम योगदान होगा। उन्होंने डा.पातर को शुभकामनांए देते हुये सरकार की तरफ से पूरा सहयोग देने का भरोसा भी दिया।

इस अवसर पर बोलते हुये डा. सुरजीत पातर ने पंजाब सरकार द्वारा दिए इस सम्मान के लिए धन्यवाद करते हुये कहा कि वह इस जि़म्मेदारी को पूरी मेहनत और तनदेही के साथ निभायेंगे और पंजाबी मातृभाषा, साहित्य, संस्कृति और अमीर विरसे की प्रफुल्लित करने को मुख्य प्राथमिकता देंगे। उन्होंने कहा कि कला परिषद का मुख्य मकसद निम्न पीढ़ी को अपने अमीर विरसे और ऐतिहासिक विरासत के साथ जोडऩा होगा। उन्होंने कहा कि पंजाबी के प्रसिद्ध साहित्यकारों संबंधी विद्यार्थियों में मुकाबले करवाए जाएंगे जिससे नयी पीढ़ी साहित्य के साथ जुड़ सकेें।

इस से पहले आज पंजाब कला भवन में पंजाब कला परिषद की जनरल कौंसिल की मीटिंग विभाग के प्रमुख सचिव श्री जसपाल सिंह की अध्यक्षता अधीन हुई। मीटिंग की कार्यवाही सैक्ट्री जनरल श्री लखविंदर जौहल ने चलाई। मीटिंग में सर्वसम्मति से डा. सुरजीत पातर को चेयरमैन और डा. नीलम मान सिंह को सर्वसमति से सीनियर वाइस चेयरमैन के तौर पर चुना गया। मीटिंग में श्री टी.के.गोयल, डा.निर्मल जोढ़ा, डा.सतीश वर्मा, डा.सरबजीत कौर सोहल, दीवान मन्ना, श्री केवल धालीवाल, प्रो. राजपाल सिंह, श्री प्रीतम रुपाल, स. हरविंदर सिंह खालसा, श्री गुरमीत जोढ़ा, डा. योगराज सिंह और अलग-अलग यूनिवर्सिटियों, साहित्यक एवं संस्कृतिक संस्थाओं और अक ादमियों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया।

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