देश भर के 8.5 लाख दवा विक्रेता 28 सितंबर को एक दिन की देशव्यापी दवा हड़ताल करेंगे 

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By Admin
 
ट्राइ सिटी  केमिस्ट एसोसिएशन ने घोषणा की कि वह ऑनलाइन फ़ार्मेसियों को सरकार के प्रोत्साहन के खिलाफ अखिल भारतीय संगठन के केमिस्ट्स  और ड्रगिस्ट्स (एआईओसीडी) द्वारा दिए गए कॉल के हिस्से के रूप में 28 सितंबर को बंद में भाग लेगी।
चंडीगढ़ 25 सितंबर
ट्राइ सिटी  केमिस्ट एसोसिएशन ने घोषणा की कि वह ऑनलाइन फ़ार्मेसियों को सरकार के प्रोत्साहन के खिलाफ अखिल भारतीय संगठन के केमिस्ट्स  और ड्रगिस्ट्स (एआईओसीडी) द्वारा दिए गए कॉल के हिस्से के रूप में 28 सितंबर को बंद में भाग लेगी।
चंडीगढ़ केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री विजय आनंद , महासचिव विनय जैन और अन्य सदस्यों ने कहा कि ऑनलाइन फ़ार्मेसियां सार्वजनिक स्वास्थ्य और देश में नियमित फार्मासिस्टों के व्यापार के लिए खतरा हैं , पुरे भारत में  हमारे केमिस्ट्स  संघ में 8.5 लाख सदस्य हैं और  पंचकुला जिले, मोहाली जिला और यूटी चंडीगढ़ के लगभग 1500 केमिस्ट 27 सितम्बर रात 12 बजे  से 28 रात 12 बजे  तक  से 24 घंटे के लिए हड़ताल  करेंगे व् अपनी दुकानें बंद रखेंगे ।
इस अवसर पर  पंचकुला केमिस्ट एसोसिएशन के मोहिंदर काकर अध्यक्ष, संजीव गर्ग  महासचिव और बी बी शिंगल संरक्षक उपस्थित थे। मोहाली केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ एच एस भाटिया और महासचिव अमरदीप सिंह भी संघ के सभी सदस्यों द्वारा समर्थित संघर्ष में शामिल होंगे।
देश में दवा विक्रेताओं एवं वितरकों के सबसे बड़े संगठन ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स ऐंड ड्रगिस्ट (एआइओसीडी) ने 28 सितंबर को एक दिन की देशव्यापी दवा हड़ताल का ऐलान किया है। यह हड़ताल दवाओं की ऑनलाइन बिक्री के खिलाफ की जा रही है।
एआईओसीडी का कहना है कि यदि दवाओं की ऑनलाइन बिक्री की अनुमति दी जाती है तो इससे सिर्फ इसके सदस्यों के बिजनेस का नुकसान ही नहीं होगा, बल्कि यह व्यापक पैमाने पर जनता के स्वास्थ्य के लिए भी खतरनाक होगा। ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स ऐंड ड्रगिस्ट के अध्यक्ष जे.एस. शिंदे ने कहा कि एआइओसीडी ने केंद्र सरकार, संबंधित मंत्रालयों और विभागों, राज्य खाद्य एवं दवा प्रशासन को कई ज्ञापन बारबार इस बारे में अनुरोध किया गया है।
ज्ञापनों में तथाकथित ई-फार्मेसी, पोर्टल्स अथवा इंटरनेट द्वारा की जा रही दवाओं की अवैध ऑनलाइन बिक्री के अनेक उदाहरणों का हवाला दिया है। एआइओसीडी पहले भी दो बार राष्ट्रव्यापी हड़ताल कर चुकी है। बावजूद इसके ऑनलाइन दवा बेचने वाली कंपनियां ड्रग ऐक्ट के प्रावधानों का खूब उल्लंघन कर रही हैं और सरकार इनके खिलाफ कोई स्पष्ट कार्रवाई नहीं कर पा रही है। जे. एस. शिंदे ने कहा कि यदि सरकार, इस बार भी हमारे अनुरोध को समझने में नाकाम रहती है और इस पर सकारात्मक रुख नहीं अपनाती, तो एआइओसीडी के पास दवाओं की ऑनलाइन बिक्री के विरुद्ध देशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं होगा।

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