डा. अम्बेदकर की 127वीं जयंती राष्ट्रीय चेतना तथा सामाजिक समानता दिवस के रूप में मनाई

Punjab
By Admin
बोलीना दोआबा गांव ने दिया सामाजिक समरसता का संदेश
जालन्धर, (
) । राजीनितक लक्ष्यों की प्राप्ति के उद्देश्य से देशभर में बन रहे सामाजिक टकराव के वातावरण मे जिला के बोलीना दोआबा गांव ने अपनी चिर-परिचित संस्कृति को दोहराते हुए भारतीय समाज को देश की संवैधानिक व्यवस्था के ढांच में सामाजिक एकता और सौहार्द के साथ राष्ट्र को मजबूत बनाने का संदेश दिया है।
कई मानयों में ऐतिहासिक गांव बोलीना दोआबा के श्री गुरु रविदास गुरुद्वारा साहिब में बाबा भगत राम स्पोट्र्स क्लब, बोलीना दोआबा, गांव के अनिवासी भारतीयों, बोलीना दोआबा  वैल्फेयर सोसायटी और बोलीना दोआबा नगर पंचायत द्वारा आयोजित संविधान निर्माता बाबा साहिब डा. भीम राव अम्बेदकर जी के 127वीं जन्मोत्सव को समर्पित कार्यक्रम भारत के अनेकता में एकता और पंजाबी भाईचारे की मिसाल हो गुजरा! कार्यक्रम का मूल संदेश ही यह था कि बाबा साहिब को उनके जन्मदिवस पर सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी की हम उनके समानता के सिद्धांत का पालन करते हुए देश को मजबूत करें न कि स्वार्थी और देश विरोधी शक्तियों के राजनीतिक लक्ष्यों से जुड़े उकसावे में आकर सामाजिक टकराव पैदा करे। इस अवसर पर मुख्यतिथि प्रसिद्ध पर्यावरण संरक्षक संत बलबीर सिंह सीचेवाल थे। जबकि बाबा साहिब के समानता के सिद्धांत और राष्ट्र में उनके योगदान पर रोशनी डालने वाले प्रमुख वक्ताओं में रिटायर्ड आईएफएस अधिकारी रमेश चन्द्र, अंतर्राष्ट्रीय चिंतक एवं लेखक देसराज काली और पत्रकार राकेश शान्तिदूत थे।
उपस्थिति के समक्ष अपने विचार रखते हुए राकेश शान्तिदूत ने बाबा साहिब को एक सच्चा और अतुलनीय राष्ट्र भक्त बताया। श्री शान्तिदूत ने कहा तत्कालीन दौर में तमाम सामाजिक कुरीतियों तथा भेदभाव के भुक्तभोगी होते हु एभी उन्होंने भारत के संविधान के निर्माण के समय देश की एकता और अखंडता को मजबूत बनाये रखने वाली सवैंधानिक व्यवस्था दी। उन्होंने न केवल विदेश में उच्च शिक्षा हासिल करते हुए भारतीय के भीतर के ज्ञान तत्व को लोहा मनवाया अपितु दबे-कुचलों को समान अधिकार दिलाने के लिए भी आवाज बुलंद की। शान्तिदूत ने कहा कि बाबा साहिब की विरासत देश की सांझी विरासत और उनका दिया संविधान ऐसी ताकत है जो इस देश को सदैव बांध कर रखने वाला है।उपस्थिति को संबोधित करते चित्रों में क्लॉक वाइज संत बलवीर सिंह सीचेंवाल, आई.एफ.एस. रमेश चन्द्र, पत्रकार राकेश शान्तिदूत, लेखक चिंतक देसराज काली।
देसराज काली ने उपस्थिति को संबोधित करते हुए कहा कि इस विडम्बना को अब समाप्त करना चाहिए कि बाबा साहिब सिर्फ दलितों के मसीहा थे। प्रख्यात चिंतक ने तथाकथित दलित समाज को आह्वान किया कि वह डा. अम्बेदकर जाति के दायरे में बंद करके या उन्हें भगवान स्थापित करने का प्रयास बंद करें अन्यथा बाबा साहिब के साथ यह अन्याय चलता रहेगा। उन्होंने कहा कि भारत के विकास में बांधो की बड़ी भूमिका रही है जो बाबा साहिब की कल्पना और योजना थी। काली ने कहा कि बाबा साहिब ने संविधान अधिकार और कत्र्तव्य किसी एक वर्ग के लिए नहीं अपितु समूचे भारतीय नागरिकों तथा अपनी आने वाली पीढ़ी को भी दिए हैं। उन्होंने कहा कि बाबा साहिब की सोच पर वास्तविक कार्यों में पहरा देना यही होगा की सभी भारतीय संविधान समान करें और देश का किसी सामाजिक टकराव की ओर मत ले जायें। विभिन्न देशों में भारत के अम्बेस्टर रहे राकेश चन्द्र ने कहा कि बाबा साहिब की प्रतिमा को देश और दुनिया उनके जाने के बाद समझने लगे हैं। उन्होंने कहा कि बाबा साहिब को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि भारत सरकार उनके जन्मदिवस को अंतर्राष्ट्रीय समानता दिवस के रूप में वैश्विक स्तर पर मनाए जाने का प्रस्ताव यूएनओ में रखें।
कार्यक्रम में प्रिंसीपल जगरूप सिंह, विश्व संवाद केन्द्र के प्रमुख राम गोपाल, अभिनेता सतीश कौल, संत ज्ञान चंद, बाबा ध्यान सिंह, आर.डी. सिंह, डा. सतपाल, मंजीत बाली, प्रेम कुमार, संजीव सिंह ने भी संबोधित किया। इस कार्यक्रम के सूत्रधार पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के पूर्व चेयरमैन और वरिष्ठ भाजपा नेता राजेश बाघा थे, जिनकी प्रेरणा तथा जर्मनी तथा अमेरिका अनिवासी भारतीय और बोलीना गांव के निवासी तिलक राज बग्गा और नरेश बग्गा सहित इस गांव के निवासी अन्य एन.आर.आई. बंधुओं के सहयोग से इस कार्यक्रम का आयोजित किया। राजेश बग्गा ने कार्यक्रम के सूत्रधार के रूप में बोलते हुए कहा कि देश इस समय विकास के किस मार्ग पर चल रहा। उस समय हमें निहित स्वार्थी के लिए सामाजिक टकराव खड़े करने की अपेक्षा बाबा साहिब के सिद्धांत पढ़ों और आगे बढ़ो को याद रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के सौ प्रतिशत योगदान वाली पोस्टर मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना में गत 6 वर्षों के भीतर आंकड़ा 9 हजार प्रति वर्ष से बढक़र साढ़े तीन लाख प्रतिवर्ष आरक्षित समाज के छात्रों के लिए भेजा हुआ है। बग्गा ने कहा कि शिक्षित होने से ही नशे के आर्थिक और सामाजिक एकता आयेगी जो नशे के विकास की गति को आगे बढ़ाने का आधार होगी। इस अवसर पर ग्रामीण अंचल में कार्यरत युवाओं का समाजसेवी तथा रक्तदानी संस्थाओं और खेलकूद क्लबों के कारकुनाों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर भाजपा नेता भूपिन्द्र कुमार, प्यारे लाल, डा. सतपाल, राजकुमार जोगी तल्हन, श्री गोगी और अन्य विशेष रूप से उपस्थित थे।

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