जेलों में सुपरिडैंट के अलावा कोई भी अधिकारी मोबाइल नहीं ले जा सकेगा: सुखजिन्दर  रंधावा

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By Admin
क जेल मंत्री ने विभाग की उच्च स्तरीय मीटिंग में जेलों की सुरक्षा, कमियों और सुधारों संबंधी की समीक्षा
क जेलों में 4जी जैमर स्थापित करने का प्रस्ताव स्वीकृति के लिए भेजा
क कैदियों के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना विचार अधीन
क संगीन अपराध वाले 90 कैदी उच्च सुरक्षा ज़ोन में रखे
क गोइन्दवाल साहिब में नई जेल का 60 प्रतिशत निर्माण कार्य हुआ पूरा
क जल्द ही जेलें होंगी ज़रुरी स्टाफ के साथ लैस
चंडीगढ़, 1 मई
‘‘जेलों में सुपरिडैंट के अलावा कोई भी जेल अधिकारी या कर्मचारी अब मोबाइल नहीं ले जा सकेगा। इसके अलावा प्रौद्यौगिकी के दौर में जेलों को आधुनिक साधनों से लैस करने के लिए 4जी जैमर लगाने का प्रस्ताव स्वीकृति के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा गया है और समूचे शरीर की स्कैनिंग करने वाले स्कैनरों को भी स्थापित करने पर विचार किया जा रहा है।’’ यह खुलासा जेल मंत्री स. सुखजिन्दर सिंह रंधावा ने आज यहाँ सैक्टर 35 स्थित मार्कफैड भवन में विभाग की उच्च स्तरीय मीटिंग करने के उपरांत पत्रकारों से बातचीत करते हुए किया।
स. रंधावा ने बताया कि आज जेलों की सुरक्षा की समीक्षा, कमियों को जानने और सुधारों को लागू करने संबंधी विभाग की मीटिंग की जिसमें विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ समूह जेलों के सुपरिडैंट शामिल हुए। उन्होंने कहा कि इस मीटिंग के उपरांत उन्होंने फ़ैसला किया है कि जेलों को आधुनिक संचार साधनों के साथ लैस किया जायेगा जिससे ग़ैर कानूनी गतिविधियों पर रोक लगाई जाये और जेलों को ज़रुरी स्टाफ से लैस करने के लिए नये स्टाफ की भर्ती की जाये जिसको बहुत जल्द मुक मल कर लिया जायेगा। उन्होंने बताया कि 4जी जैमर की स्वीकृति के लिए केंद्र के गृह, इंटैलीजैंस विंग और रक्षा मंत्रालय के पास केस भेजना होता है और इसकी स्वीकृति मिलने के उपरांत 4जी जैमर स्थापित हो जाएंगे जिससे जेलें अति -आधुनिक संचार साधनों के साथ लैस हो जाएंगी। जेल विभाग की तरफ से जल्द ही 10 जासूस कुत्ते सुरक्षा विंग में शामिल किये जाएंगे।
स. रंधावा ने बताया कि साल 2017 दौरान जेलों में 1500 मोबाइल कैदियों के पास से बरामद किये गए हैं जो कि गंभीर मसला है। उन्होंने कहा कि इस रुझान को काबू करने के लिए अतिरिक्त मु य सचिव गृह सभी जिलों के पुलिस मुखियों को निर्देश देंगे कि मोबाइल बरामद वाले मामलों की गहराई और निष्कर्ष तक पहुँचने के लिए पूरी जाँच की जाये और कैदियों को रिमांड में लेकर पूछताछ करके यह पता लगाया जाये कि उनको यह मोबाइल किसने मुहैया करवाए। उन्होंने कहा कि यदि इस मामले में जेल का कोई अधिकारी या मुलाज़ीम दोषी पाया गया तो उसके विरुद्ध सख़्त कार्यवाही की जायेगी। नये स्टाफ की भर्ती संबंधी बोलते हुए जेल मंत्री ने कहा कि बीते दिनों के पासिंग आउट परेड में 150 जेल स्टाफ भर्ती हुई है जबकि इसी महीने 375 अतिरिकत स्टाफ की पासिंग आउट परेड होगी। आने वाले समय में 420 अन्य स्टाफ की भर्ती के लिए मुयमंत्री ने स्वीकृति दे दी है और जल्द ही भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी। उन्होंने बताया कि जेलों के 10 डिप्टी सुपरिडैंटों की भर्ती के लिए पी.पी.एस.सी. और 38 सहायक सुपरिडैंटों की भर्ती के लिए एस.एस. बोर्ड को कहा गया है। उन्होंने कहा कि यह भर्ती प्रक्रिया पूरी होने पर जेलों में अपेक्षित स्टाफ पूरा हो जायेगा।
जेल मंत्री ने बताया कि जो कैदी पढ़ाई के इच्छुकहैं, उनके लिए उपयुक्त माहौल दिया जायेगा और पढ़ाई के साधन मुहैया करवाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जेलों में कैदियों की सेहत को सबसे अधिक प्रमुखता दी जायेगी जिसके लिए वह स्वास्थ्य विभाग से माँग करेंगे कि जेलों में माहिर डाक्टर पक्के तौर पर तैनात किये जाएँ। इसके अलावा कैदियों के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना लाने की योजना पर भी विचार किया जायेगा। मौजूदा समय जेल विभाग स्वास्थ्य विभाग से दवाएँ खरीद कर कैदियों को मु ़त मुहैया करवाता है। उनहोंने यह भी कहा कि जेलों में कई कैदी गंभीर रोगों से पीडि़त हैं जिनके इलाज का पूरा ख़्याल रखा जायेगा। पत्रकारों के सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि 651 कैदी एच.आई.वी. पीडि़त हैं।
जेलों में कैदियों की सामथ्र्य और कैदियों की सं या के अनुपात संबंधी पूछे जाने पर स. रंधावा ने बताया कि पंजाब की जेलों मेें कैदियों की सामथ्र्य 23218 है जबकि कैदियों की सं या 22375 हैं। उन्होंने आगे विवरण देते हुए बताया कि 1119 महिला कैदी और 132 विदेशी नागरिक हैं। जेलों में कुल 13000 ट्रायल अधीन हैं और 132 विदेशी कैदियों में से 34 सज़ाया ता और 98 ट्रायल अधीन हैं। एन.डी.पी.एस. एक्ट अधीन कैदियों की सं या पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि 40 प्रतिशत के करीब कैदी एन.डी.पी.एस. एक्ट अधीन कैद हैं। उन्होंने बताया कि गोइन्दवाल साहिब में 194 करोड़ रुपए की लागत वाली नयी जेल निर्माणाधीन है जिसका 60 प्रतिशत निर्माण काम मुक मल हो चुका है। उन्होंने यह भी बताया कि पंजाब की जेलों में 90 कैदी संगीन अपराधों वाले हैं जिनको उच्च सुरक्षा ज़ोन में रखा गया है।
मीटिंग में अतिरिक्त मु य सचिव गृह श्री निर्मलजीत सिंह कलसी, ए.डी.जी.पी. जेल श्री इक़बाल प्रीत सिंह सहोता, आई.जी. जेल श्री आर.के.अरोड़ा, जेल की रेंजों के डी.आई.जी. श्री सुरिन्दर सिंह सैनी और कैप्टन लखमिन्दर सिंह जाखड़ सहित सभी जेलों के सुपरिडैंट उपस्थित थे।