• Lt Gen A Mukherjee, Brig M S Gill, Brig I S Gakhal and Maj Gen Shivdev Singh joined Captain Amarinder and The Tribune Editor-in-Chief Harish Khare in the discussion.
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गिल कमिशन द्वारा चौथी अंतरिम रिपोर्ट में30 मामलों में कार्यवाही की सिफारिश

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By Admin

चंडीगढ़, 3 दिसंबर: 

जस्टिस (सेवा निवृत) मेहताब सिंह गिल कमीशन ने रविवार को अकाली शासन के दौरान दर्ज किये गये झूठे केसों में अपनी चौथी अंतरिम रिपोर्ट पेश की जिसमें इसने जांच करके 112 शिकायतों में से 30 पर कार्यवाही करने की सिफारिश की है। 

एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि इन 30 केसों में कोटकपूरा के पत्रकार नरेश कुमार के विरूद्ध आई पी सी की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज केस संबंधी भी कमीशन ने कार्रवाही करने की सिफारिश की है। जस्टिस गिल कमीशन ने फरीदकोट की न्यायायिक कोर्ट द्वारा पत्रकार नरेश कुमार को बरी किये जाने का हवाला देते हुये उसके विरूद्ध दर्ज एफ आई आर को रद्द करने की सिफारिश की है। 

जस्टिस गिल ने कहा कि कमीशन द्वारा सिफ़ारिश की गई है कि राजनैतिक प्रतिशोध के अंतर्गत नरेश कुमार के विरूद्धझूठा केस दर्ज करवाने वाले शिकायतकर्ता और केस दर्ज करने वाले संबंधित पुलिस कर्मचारियों के विरूद्ध कानूनी कार्यवाही की जाये। 

प्रवक्ता ने बताया कि अपनी चौथी रिपोर्ट में कमीशन ने विभिन्न आधार पर 82 शिकायतें /मामलों को रद्द कर दिया है। इस दो सदस्यीय कमीशन जिसमें पूर्व जि़ला और सैशन जज बी.एस. महेंदीरत्ता भी सदस्य हैं, द्वारा 31 जुलाई, 2017 तक हासिल हुई कुल 4371 शिकायतों में से अब तक 563 शिकायतों का निपटारा किया जा चुका है। 

प्रवक्ता ने बताया कि पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने भी कुछ शिकायतें कमीशन को सुनवाई के लिए भेजी। इस दौरान हाई कोर्ट ने कमीशन की सिफारिशों को स्वीकृत किया और राज्य के गृह विभाग को इन सिफारिशों पर उचित कार्यवाही करने के आदेश दिए। कमीशन ने गत् सरकार द्वारा राजनैतिक प्रतिशोध के अंतर्गत निशाना बनाए गए और अब अदालतों द्वारा बरी किये गए व्यक्तियों को मुआवज़ा देने के केस भी रैफर किये हैं। 

यह उल्लेखनीय है कि कमीशन ने अपनी तीसरी रिपोर्ट जो राज्यभर से प्राप्त हुई 101 शिकायतों /मामलों से संबंधित है, में 12 मामलों जिनमें से 5 मामलों में अदालत से ज़रुरी आदेश प्राप्त हुए हैं, की एफ.आई.आर. रद्द करने की सिफ़ारिश की थी। कमीशन ने दो जांच आधिकारियों द्वारा राजनैतिक प्रभाव के अधीन पक्षपाती भूमिका अदा करने के दोष में उनके विरूद्ध कार्यवाही करने की भी सिफ़ारिश की थी। 

अपनी दूसरी रिपोर्ट में कमीशन ने राजनैतिक प्रतिशोध के अंतर्गत दर्ज हुए 47 केस झूठे होने की पहचान की थी। इस रिपोर्ट में कमीशन ने इन मामलों में से 37 मामलों में एफ.आई.आर. रद्द करने की सिफ़ारिश की थी जबकि चार अन्य मामलों जिनमें संबंधित व्यक्तियों को अदालतों ने बरी कर दिया था, को मुआवज़ा देने का सुझाव दिया था। बाकी छ: मामलों में कमीशन ने अदालतों में चालान न पेश करने  जैसे अन्य कदम उठाने की सिफ़ारिश की थी। 

इससे पहले कमीशन द्वारा अगस्त में अपनी पहली अंतरिम रिपोर्ट सौंपते हुये 172 शिकायतों का विश्लेषण करने के बाद 130 मामलों में मुआवज़ा देने की सिफ़ारिश की गई थी। 

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