गांव झ्युरहेड़ी की पंचायती ज़मीन खरीदने के लिए हुई घपलेबाज़ी में डी.डी.पी.ओ. और बी.डी.पी.ओ. सहित पंचायत सचिव गिरफतार

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अदालत द्वारा 2 दिनों का विजिलेंस रिमांड
चंडीगढ़/एस ए एस नगर, 20 फरवरी:

पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने आज ग्राम पंचायत गांव झ्युरहेड़ी के नाम पर विभिन्न स्थानों पर 25 एकड़ से अधिक ज़मीन खरीदने में हुई लगभग 8 करोड़ रुपए की घोटालेबाज़ी की जांच के बाद उस समय पर तैनात डी.डी.पी.ओ. एस.ए.एस. नगर गुरबिंदर सिंह सरायो और मलविंदर सिंह बी.डी.पी.ओ खरड़ सहित रवीन्द्र सिंह ग्राम पंचायत सचिव को गिरफ़्तार करके अदालत से 2 दिन का रिमांड लिया है।
आज यहां यह जानकारी देते हुए विजिलेंस ब्यूरो के मुख्य निदेशक-सह-ए.डी.जी.पी. श्री बी.के. उप्पल ने बताया कि विजिलेंस ब्यूरो और पंचायत विभाग द्वारा जांच के दौरान पाया गया कि राज्य सरकार द्वारा मोहाली हवाई अड्डे का विस्तार करने के समय गांव झ्युरहेड़ी की करीब 36 एकड़ पंचायत की भूमि अधिग्रहण की गई जिसका मुआवज़ा 1.50 करोड़ रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से 54,16,87,500 रुपए जारी किया गया था और यह राशि डायरैक्टर ग्रामीण विकास और पंचायत विभाग की निगरानी अधीन रखी गई थी परंतु साल 2013 में सरपंच गुरपाल सिंह ने पंचायत द्वारा पारित प्रस्ताव के विपरीत विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों, सरपंच और अन्यों ने मिलकर विभिन्न स्थानों पर ज़मीन खरीदने में घपलेबाज़ी की।
उन्होंने बताया कि इन व्यक्तियों ने ज़मीन खरीदने संबंधी सरकारी निर्देशों की जानकारी होते हुए भी अपने निजी लाभ के लिए यह ज़मीन कुलैकटर रेट और मार्केट रेटों से बहुत ऊंची दर पर खऱीदकर सरकार और ग्राम पंचायत को भारी नुक्सान पहुंचाया जिससे उक्त दोषियों डी.डी.पी.ओ., बी.डी.पी.ओ. और पंचायत सचिव सहित सुरिंदर सिंह उर्फ सुरिंदर ख़ान निवासी मूलेपुर जिला फतेहगढ़ साहिब, मोहम्मद सुहेल चौहान निवासी मकान नंबर 991, सैक्टर 79, मोहाली, दर्शन सिंह निवासी हल्लोमाजरा (यू.टी.), स्वर्ण सिंह गांव टिवाना तहसील डेराबस्सी जिला मोहाली और दर्शन सिंह निवासी कंवरपुर (ऊकसी जट्टां) जिला पटियाला के विरूद्ध भारतीय दंडावली की धारा 409, 420, 465, 467, 471, 120 -बी. और भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 13 (1) (डी) और 13 (2) के अंतर्गत मुकदमा दर्ज करके अगली कार्यवाही आरंभ कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत द्वारा प्रस्ताव पास करके मुआवज़े की रकम से पंचायत की सीमा के साथ लगते शहरी क्षेत्र में बूथ और शो-रूम साइट सरकार द्वारा निर्धारित नीति और शर्तों के अनुसार खरीद करने के लिए प्रस्तावित ब्लॉक विकास और पंचायत अफ़सर के द्वारा सरकार को भेजने संबंधी लिखा गया। इस संबंधी रिपोर्ट बी.डी.पी.ओ खरड़ की तरफ से दिनांक 24.9.2015 को जि़ला विकास और पंचायत अफ़सर मोहाली को भेजी गई तथा उन्होंने दिनांक 6.10.2015 को यह प्रस्ताव डिवीजनल डिप्टी डायरैक्टर पटियाला के पास भेज दिया। उन्होंने दिनांक 9.11.2015 द्वारा डिप्टी डायरैक्टर (भूमि और विकास) के पास मंज़ूरी के लिए प्रस्ताव भेजा जिन प्रस्तावों पर आपत्तियां उठाई गई। यह प्रस्ताव आपत्तियों की पूर्ति करने के लिए डी.डी.पी.ओ मोहाली को 5.1.2016 को भेजा गया और दिनांक 6.6.2016 तक 9 चेतावनी पत्र लिखने के बावजूद भी इस प्रस्ताव संबंधी ऐतराज़ पूरे करके यह प्रस्ताव वापिस सरकार की स्वीकृति के लिए नहीं भेजा गया।
जांच के अनुसार इस प्रस्ताव को गुरबिंदर सिंह सरायो डी.डी.पी.यो ने बिना किसी कारण अपने दफ़्तर में दबा कर रखा जिससे ज़मीन खरीद करने के लिए सरकार की तरफ से ग्राम पंचायत गांव झ्यूरहेड़ी को कोई लिखित प्रशासनिक स्वीकृति नहीं दी गई। इस दौरान ग्राम पंचायत झ्यूरहेड़ी की तरफ से डायरैक्टर ग्रामीण विकास और पंचायत विभाग की सलाह पर एक नया प्रस्ताव दिनांक 1 फरवरी, 2016 को पारित करके सीधे तौर पर उनको भेजा गया। इस प्रस्ताव में अक्वायर की गई पंचायती ज़मीन के मुआवज़े की प्राप्त हुई रकम के साथ ग्रामीण क्षेत्र में कृषि योग्य ज़मीन और कुछ कमर्शियल शोरूम शहरी क्षेत्र में खरीदने हेतु 15 करोड़ रुपए की राशि मंज़ूर करने के लिए लिखा गया।
इस प्रस्ताव के आधार पर उस समय तैनात डायरैक्टर पंचायत ने ग्राम पंचायत की मांग मुताबिक अपने द्वारा 10.2.2016 को किये गए आदेशों के अनुसार 15 करोड़ की राशि का चैक ग्राम पंचायत झ्यूरहेड़ी को भेजा गया। इस राशि से झ्यूरहेड़ी पंचायत की तरफ से गांव कैदीपुर और करीमपुरा में करीब 25 एकड़ कृषि योग्य ज़मीन की खरीद करने संबंधी 3 सौदे इकरार डदनांक 6.4.2016, इकरार डदनांक 6.4.2016, इकरार डदनांक 27.4.2016 के द्वारा किये गए। इस ज़मीन का सौदा सुरिंदर सिंह उर्फ सुरिंदर ख़ान निवासी मुलेपुर जि़ला फतेहगढ़ और उसके भांजे मुहम्मद सुहेल चौहान सैक्टर 79 मोहाली और बलदेव सिंह निवासी वजीदपुर तहसील डेराबस्सी नाम के दलालों द्वारा करवाया गया।
उन्होंने बताया कि दिनांक 6.4.2016 के द्वारा जगजीत सिंह, स्वर्ण कौर, हरभजन कौर और नवनीत सिंह की तरफ से गाँव करीमपुरा और गाँव कन्दीपुर की जो 165 कनाल 18 मरले ज़मीन ग्राम पंचायत झ्यूरहेड़ी को बेची गई उस ज़मीन का सौदा 29,50,000 रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से तय हुआ और इसी हिसाब से विक्रेता पक्ष को अदायगी की गई जो कुल 6,11,75,625 रुपए बनती थी। जबकि खरीददार पक्ष ग्राम पंचायत झ्यूरहेड़ी की तरफ से यह ज़मीन 54 लाख रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से खऱीदी दिखाकर 11,19,82,500 रुपए का ख़र्च स्टैंप ड्यूटी और अन्य खर्चों के बिना किया दिखाया गया। यह ज़मीन खरीदने के समय कुल 5,08,06,875 रुपए का घपला किया गया।
उन्होंने बताया कि इस तरह हरपाल सिंह की तरफ से ग्राम पंचायत को 36 कनाल 11/3 मरले ज़मीन दिनांक 27.4.2016 को बेची गई। इस ज़मीन का सौदा 23,50,000 रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से हुआ। इसी हिसाब से विक्रेता पक्ष को अदायगी की गई जो कुल 1,05,94,093 रुपए बनती थी जबकि खरीददार पक्ष ग्राम पंचायत झ्यूरहेड़ी की तरफ से यह ज़मीन 54 लाख रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से खऱीद दिखाकर इस पर 2,43,43,85 रुपए का ख़र्च स्टैंप ड्यूटी और अन्य खर्चों के बिना किया दिखाया गया। यह ज़मीन खरीदने के समय कुल 1,37,49,781 रुपए का घपला करना पाया गया है।
श्री उप्पल ने बताया कि इसी तरह गांव करीमपुरा और गांव कन्दीपुरा में जो 25 एकड़ 9 मरले ज़मीन ग्राम पंचायत झ्यूरहेड़ी के नाम पर खरीदी गई उस ज़मीन की खरीद में 5,08,06,975 रुपए के साथ 1,37,49,781 रुपए कुल 6,45,56,656 रुपए का घपला किया गया। उन्होंने बताया कि इस ज़मीन संबंधी डिप्टी कमिश्नर फतेहगढ़ साहिब की तरफ से उप-मंडल मैजिस्ट्रेट बस्सी पठाना के द्वारा दी रिपोर्ट में लिखा है कि गाँव कन्दीपुर और करीमपुरा में एक या दो एकड़ ज़मीन का मार्केट रेट तकरीबन 15 से 17 लाख रुपए प्रति एकड़ है और यदि 15 एकड़ या इससे अधिक ज़मीन का हिस्सा खरीदा या बेचा जाता है तो मार्केट रेट 20 से 25 लाख रुपए प्रति एकड़ के बीच है। उन्होंने गाँव करीमपुरा और गाँव कन्दीपुर की ज़मीन का कुलैकटर रेट वर्ष 2016 -17 के लिए 9.77 लाख रुपए प्रति एकड़ बताया है।
उन्होंने बताया कि इसी तरह गाँव सनौली में दिनांक 03.04.2017 को 6700 वर्ग गज़ ज़मीन 10,11,70,000 /- रुपए में ग्राम पंचायत गाँव झ्यूरहेड़ी के नाम पर खऱीदी गई जिसमें भी डेढ़ करोड़ रुपए की घपलेबाज़ी सामने आई है और इस संमपत्ति को खरीदने के लिए वास्तविक की अपेक्षा अधिक रकम दस्तावेज़ों में दिखाई गई। वह रकम विक्रेताओं से दर्शन सिंह पुत्र पाल सिंह निवासी गाँव कंवरपुर (उकसी जट्टां) तहसील राजपुरा जिला पटियाला (जो सरपंच गुरपाल सिंह का साढू लगता है) के द्वारा दोषी गुरपाल सिंह सरपंच ने वापिस लेकर अन्यों के साथ मिलकर हड़प ली।
उन्होंने कहा कि गाँव सनौली तहसील ज़ीरकपुर जिला एस.ए.एस. नगर में ज़मीन खरीदने के समय गुरबिन्दर सिंह सरायो जिला विकास और पंचायत अफ़सर, एस.ए.एस. नगर (मोहाली) को ब्लॉक विकास और पंचायत अफ़सर खरड़ की तरफ से पंचायत के प्रस्ताव के अनुसार दिनांक 28.03.2017 के द्वारा 6700 वर्ग गज व्यापारिक जगह खरीदने संबंधी एक पत्र लिखा गया लेकिन जतिन्दर सिंह ढिल्लों बी.डी.पी.ओ. और गुरपाल सिंह सरपंच ने मंज़ूरी लेने से पहले ही दिनांक 03.04.2017 को 6 बीघे 14 बिसवे ज़मीन गाँव सनौली में खरीद ली। इन्होंने इससे पहले ही दिनांक 28.2.2017 को लगभग 9.5 करोड़ की अदायगी बयाने के तौर पर अपने ही स्तर पर बिना सरकार की मंज़ूरी के कर दी। गुरबिन्दर सिंह सरायो डी.डी.पी.ओ. ने मिली-भगत करके इस ज़मीन को खरीदने संबंधी मंज़ूरी ज़मीन खऱीदे जाने के बाद दिनांक 05.04.2017 के द्वारा दे दी जबकि उसे ऐसी मंज़ूरी देने का कोई अधिकार ही नहीं था और उसके पास पहले ही झ्यूरहेड़ी पंचायत के लिए ज़मीन खरीदने संबधी एक और प्रस्ताव लंबे समय से ऐतराज़ों की पूर्ति के लिए लंबित पड़ा था।
इस मामले में गुरपाल सिंह सरपंच, गुरबिन्दर सिंह सरायो, जतिन्दर सिंह ढिल्लों, रवीन्द्र सिंह पंचायत सचिव ने विभाग की तरफ से जारी हिदायतों का उल्लंघन करके अपने निजी लाभ के लिए उक्त सरपंच के साढू दर्शन सिंह निवासी कंवरपुर तहसील राजपुरा, दर्शन सिंह निवासी हल्लोमाजरा, चंडीगड़ और स्वर्ण सिंह गाँव टिवाना के साथ मिलीभगत करके यह ज़मीन कुलैकटर और मार्केट रेटों से बहुत ऊँचे भाव पर खऱीदकर सरकार और गाँव पंचायत को भारी वित्तीय नुक्सान पहुँचा कर यह सारी घपलेबाज़ी की। इन्होंने इस खऱीदी 6700 वर्ग गज जगह में पहले से बने 2 मंजिला मकान और इसके इर्द-गिर्द की गई चारदीवारी का इकरार में भी कोई जि़क्र नहीं किया।

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