कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा शाहपुर कंडी डैम, राजस्थान और सरहिंद फीडर नहरों को प्राथमिकता सूची में रखने की मंाग

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By Admin
पंजाब के शेष 4 जिलों को भी चार-मार्गीय सडक़ से जोडऩे हेतु किया गडकरी से अनुरोध
नई दिल्ली, 8 फरवरी:
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शाहपुर कंडी डैम को 90:10 की अनुपात के साथ फास्ट ट्रैक प्राथमिकता परियोजनाओं की श्रेणी में शामिल करने और राजस्थान फीडर और सरहिंद फीडर नहरों को प्राथमिक सूची में शामिल करने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय के हस्तक्षेप की अपील की जिससे इन परियोजनओं के लिए प्रधान मंत्री कृषि सिंचाई योजना (पी.एम.क.एस.वाई) के अंतर्गत केंद्रीय फंड प्राप्त हो सके।
सडक़ परिवहन व राजमार्ग, जहाजऱानी व जलसंसाधन, नदी विकास और गंगा पुनर्यूवीकरण केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से एक बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के शेष 4 जिलों को चार-मार्गीय राष्ट्रीय राजमार्गों से जोडऩे के लिए एन.एच.-703 और एन.एच-10 के एक-एक सैक्शन को चार-मार्गीय करने का अनुरोध दोहराया और इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग का चार-मार्गीयकारण का कार्य राज्य के लोक निर्माण विभाग को देने के लिए केंद्र द्वारा आज्ञा दिए जाने की माँग की।
बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि शाहपुर कंडी डैम के लिए 90:10 के अनुपात का समर्थन करते हुए गडकरी ने राज्य सरकार को यह मुद्दा सीधे तौर पर प्रधानमंत्री के समक्ष उठाने का सुझाव दिया । एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान सतलुज-यमुना लिंक नहर के मामले में कोई भी विचार-विमर्श नहीं हुआ।
99 परियोजनाओं को प्राथमिक सूची में शामिल करने से पहले राजस्थान फीडर और सरहिंद फीडर नहरों के किनारे पक्के करने की परियोजना के लिए भारत सरकार द्वारा केंद्रीय सहायता जारी करने का जि़क्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय मंत्री को बताया कि इस परियोजना को प्राथमिक सूची में शामिल नहीं किया गया और प्रधानमंत्री कार्यालय को इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की जाये तांकि इसके लिए केंद्रीय कैबिनेट की स्वीकृति प्राप्त की जा सके।
शाहपुर कंडी डैम प्रोजैक्ट के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री ने भारत सरकार जलसंसाधन मंत्रालय को विनती की है कि यह जम्मू कश्मीर सरकार को 31 मार्च, 2017 के समझौते को आगे बढ़ाने के लिए कहें तांकि इस कार्य को तुरंत शुरू करवाना सुनिश्चित किया जा सके जिसके लिए पहले ही 90:10 के नियमों के अंतर्गत स्वीकृति मिली हुई है। उन्होंने इस कार्य पर नया नियम 60:40 न लागू करने के लिए कहा है। इस कार्य की शुरुआत पंजाब सरकार के सक्रिय विचार अधीन होने का जि़क्र करते हुए उन्होंने इस प्रोजैक्ट के लिए 2738 करोड़ रुपए की संशोधित अनुमानित लागत की स्वीकृति की भी माँग की।
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि यदि भारत सरकार के जलसंसाधन एवं नदी विकास मंत्रालय ने उपरोक्त प्रस्ताव स्वीकृत कर लिया तो माधोपुर हैड वर्कस से पाकिस्तान को फिज़़ूल जा रहे पानी को रोका जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब के 22 जिलों में से 18 जि़ले पहले ही चार मार्गीय /छह मार्गीय राष्ट्रीय राजमार्गों के साथ जुड़े हुए हैं और केवल फिऱोज़पुर, मानसा, श्री मुक्तसर साहिब और फाजि़ल्का नाम के चार जि़ले ही दो मार्गीय राष्ट्रीय राजमार्गों के साथ जुड़े हुए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि फिऱोज़पुर और श्री मुक्तसर साहिब के संपर्क का कार्य एन.एच.ए.आई. के विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष मई में उन्होंने मंत्रालय को एक पत्र लिख कर एन.एच. 703 के बरनाला-मानसा सैक्शन और एन.एच. 10 की डब्बवाली-मलोट-अबोहर-फाजिल्का सडक़ बनाने की माँग की थी। उन्होंने एन.एच.ए.आई. को तलवंडी-फिऱोज़पुर और श्री मुक्तसर साहिब-मलोट सैक्शन का स्तर ऊँचा उठाने की प्रक्रिया तेज़ करने के निर्देश देने के लिए भी केंद्रीय मंत्री को विनती की।
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बंगा-गढ़शंकर -आनन्दपुर साहिब -नैना देवी सडक़ को राष्ट्रीय राजमार्ग नोटीफायी करने की भी केंद्रीय मंत्री से अपील की जिसके लिए पहले ही मंत्रालय द्वारा सैद्धांतिक स्वीकृति दी जा चुकी है। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण प्रोजेक्टों को जल्दी आरंभ करने के लिए चालू वित्तीय वर्ष के दौरान सुविधा मुहैया करवाने के लिए राज्य के पी.डब्लयू.डी द्वारा प्रस्तुत अनुमान/डी.पी.आरज़ को स्वीकृति करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया जो कि अभी तक लम्बित पड़ी हुई है।
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नहर (कसूर ब्रांच लोअर/खेमकरन रज़बाहा) से जोड़ा गाँव तक प्रस्तावित नयी सडक़ के लिए आर्थिक महत्ता (ई.आई) अधीन स्वीकृति पर विचार करने के लिए भी मंत्रालय को विनती की, जोकि मूल रूप में एम.डी.आर-62 (तरन तारन-पट्टी सडक़) से महमूदपुरा (जि़ला तरन तारन) तक है और यह केंद्रीय सडक़ फंड अधीन स्वीकृत नहीं की गई।
बैठक में अन्यों के अलावा गुरदासपुर से सांसद और पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान सुनील जाखड़, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल, मुख्य सचिव करन अवतार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव तेजवीर सिंह, सचिव सिंचाई जसपाल सिंह और पंजाब भवन नई दिल्ली की रैज़ीडेंट कमिशनर राखी भंडारी शामिल थे।
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