#किसानों की दुर्दशा का मजाक बनाना बंद करें मोदी: कैप्टन अमरेन्द्र

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By Admin

किसानों का कर्ज माफ करने संबंधी मोदी के उत्तर प्रदेश चुनाव के वायदे को चुनावी नौटंकी बताया
चंडीगढ़, 7 मार्च: पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष कैप्टन अमरेन्द्र सिंह ने भारत के कर्ज तले दबे किसानों की दुर्दशा का मजाक बनाने को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर बरसते हुए, उत्तर प्रदेश में चुनाव में उनके द्वारा किसानों का कर्ज माफ करने संबंधी वायदे को खारिज किया है और इसे राज्य के एक बड़े किसान समुदाय की वोटों पर आंख रखते हुए, एक चुनावी नौटंकी करार दिया है।
कैप्टन अमरेन्द्र ने मोदी द्वारा राज्य में उनकी भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने यू.पी में किसानों का कर्ज माफ करने संबंधी ऐलान के वक्त पर सवाल करते हुए, प्रधानमंत्री पर हजारों किसानों की जिंदगियों की कीमत पर चुनावी राजनीति करने का आरोप लगाया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यदि मोदी नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार कर्ज के बोझ तले दबे किसानों की दशा को लेकर चिंतित होती, तो उसने अब तक पंजाब सहित देशभर के किसानों के कर्ज माफ कर दिए होते।
कैप्टन अमरेन्द्र ने कहा कि मोदी आसानी से केन्द्र सरकार की ओर से किसानों का कर्ज माफ करने संबंधी ऐलान कर सकते थे, जैसे यू.पी.ए शासनकाल में डा. मनमोहन सिंह ने किया था। उन्होंने जिक्र किया कि कांग्रेस ने सत्ता में रहते हुए, किसानों के 70,000 करोड़ रुपए के कर्ज माफ कर दिए थे। इस क्रम में, पंजाब कांग्रेस के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा यू.पी में चुनावों के दौरान किसानों का कर्ज माफ करने संबंधी ऐलान से साबित हो गया है कि उन्होंने यह सिर्फ राज्य के किसानों को टारगेट करते हुए, अपनी पार्टी के लिए मत हासिल की चाल के तहत किया है।
जिस पर, कैप्टन अमरेन्द्र ने पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनने पर राज्य के सभी किसानों व खेत मजदूरों के कर्ज माफ करने संबंधी अपने वायदे को दोहराया है, चाहे इसके लिए उन्हें केन्द्र सरकार का समर्थन मिले या फिर न मिले।
कैप्टन अमरेन्द्र ने खुलासा किया कि मोदी ने नए वर्ष के मौके पर 31 दिसंबर, 2016 को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में सिर्फ किसानों को आधी राहत देने का ऐलान किया था। इस दिशा में, मोदी ने जिला सहकारी बैंकों से लोन लेने वाले किसानों का 60 दिन का ब्याज माफ किया था। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने सवाल किया कि क्यों प्रधानमंत्री ने तब देशभर के किसानों के कर्ज माफ करने का ऐलान नहीं किया?
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने जिक्र किया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस का एक शिष्टमंडल दिसंबर, 2016 में प्रधानमंत्री से मिला था और किसानों का कर्ज माफ करने संबंधी मांग रखते हुए, उन्हें एक ज्ञापन सौंपा था। लेकिन मोदी इस उचित व मानवतावादी मांग का हल निकालने में नाकाम रहे और वह साफतौर पर यह वायदा करने के लिए हाई प्रोफाईल यू.पी इलैक्शन का इंतजार कर रहे थे। उस शिष्टमंडल का हिस्सा रहे कैप्टन अमरेन्द्र ने कहा कि मोदी के झूठे चुनावी वायदों को विस्तार से बताने की जरूरत नहीं है, जिनके लोकसभा चुनावों के वायदे अभी तक वास्तविकता बनने का इंतजार कर रहे हैं।
कैप्टन अमरेन्द्र ने जोर देते हुए कहा कि पंजाब व अन्य राज्यों के किसानों के कर्ज माफ करने संबंधी किसी भी कदम का स्वागत है, लेकिन प्रधानमंत्री जैसा कद रखने वाले व्यक्ति को किसानों की भावनाओं के साथ खेलना व उन्हें और निराशा में धकेलना शोभा नहीं देता। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि दुनिया का अन्न भंडार कहलाने वाला भारत, आज अपने किसानों को खिलाने के काबिल नहीं है। उन्होंने कृषि कर्जों की गंभीर समस्या पर बड़े-बड़े चुनावी वायदे करने की बजाय नीति निर्माण किये जाने की जरूरत पर बल दिया है।
उन्होंने कहा कि किसान कर्जों का मुद्दा कोई राजनीतिक मामला नहीं है, जिसे चुनावी फायदों के लिए उठाया जाए, बल्कि यह मानवीय संकट का विषय है और केन्द्र द्वारा इसे प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाना चाहिए। जिस पर, उन्होंने प्रधानमंत्री से छोटे राजनीतिक विचारों से ऊपर उठने और देश के किसान समाज के हित में एक राजनेता की तरह व्यवहार करने के लिए कहा है।

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