# करनाल सहकारी चीनी मिल के नवीनीकरण की परियोजना को स्वीकृति प्रदान

Haryana
By Admin

चंडीगढ़, 26 दिसम्बर(अपडेट पंजाब )
हरियाणा शुगर फैडरेशन के चेयरमैन चंद्र प्रकाश कथूरिया ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा करनाल सहकारी चीनी मिल के नवीनीकरण की परियोजना को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस मिल के आधुनिकीकरण पर करीब 200 करोड़ रुपये की लागत आएगी। मिल में रिफाईंड शुगर प्लांट, बिजली प्लांट तथा गुड़-शकर बनाने का प्लांट भी लगाया जाएगा। करनाल मिल की गन्ना पिराई क्षमता 3500 क्विंटल प्रतिदिन रहेगी। मुख्यमंत्री द्वारा मिल के आधुनिकीकरण कार्य के शुभारम्भ का शिलान्यास जनवरी माह में करवाया जायेगा, ताकि अगले गन्ना पिराई सत्र से पहले मिल के आधुनिकीकरण का कार्य पूरा हो सके।
कथूरिया ने कहा कि नये वर्ष के दौरान प्रदेश की सहकारी चीनी मिल का 200 करोड़ रुपये की लागत से व सहकारी चीनी मिल शाहबाद का 80 करोड़ रुपये की लागत से नवीनीकरण किया जाएगा। इसके अलावा पानीपत सहकारी चीनी मिल का स्थानान्तरण करके 400 करोड़ रुपये की लागत से डाहर गांव में करीब 78 एकड़ क्षेत्र पर नया शुगर मिल लगाने की स्वीकृति मिल चुकी है, जल्दी ही इन तीनों शुगर मिलों का कार्य टेंडरिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद शुरू करवा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने सहकारी चीनी मिलों के रख-रखाव पर कोई विशेष ध्यान नहीं दिया, जिनकी वजह से मिल खराब हालात में पहुंच गए हैं। मुख्यमंत्री श्री खट्टर ने सहकारी चीनी मिलों की तरफ विशेष ध्यान दिया और प्रदेश की तीन शुगर मिलों के लिए करीब 700 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। कथूरिया ने कहा कि घाटे में चल रही शुगर मिलों को उभारने के लिए प्रदेश स्तर पर एक कमेटी का गठन किया जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद उनके सुझाव पर पूरा अमल किया जाएगा। इसके अलावा ब्राजील व मोरिशस के इंजीनियरों से बातचीत जारी है। घाटे से उभरने के लिए मिलों को एक-दो वर्ष का मौका भी दिया जाएगा। इसके बाद उन्हें पीपीपी मोड पर चालू किया जाएगा। उन्होंने करनाल सहकारी चीनी मिल की मशीनरी खराब होने के प्रश्न के उत्तर में कहा कि जिन कर्मचारी व अधिकारियों की वजह से मिल बंद होने के कगार पर पहुंच गया है उन्हें चार्जशीट व निलम्बित किया जा चुका है तथा शेष के खिलाफ जांच जारी है।

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